छिंदवाड़ा। चलती ट्रेनों में यात्रियों के ट्राली बैग और कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर और संगठित गिरोह का जीआरपी छिंदवाड़ा ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं और यह गिरोह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और यूपी के कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
मामला 14 फरवरी 2026 का है, जब भीमगढ़ (सिवनी) निवासी ममता साहू अपने परिवार के साथ ट्रेन संख्या 58823 (छिंदवाड़ा-नैनपुर पैसेंजर) से यात्रा कर रही थीं।
जनरल कोच में सफर के दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनके ट्राली बैग की चेन खोलकर अंदर रखा ज्वेलरी बॉक्स पार कर दिया। बॉक्स में करीब डेढ़ तोला वजनी सोने का हार था, जिसकी कीमत लगभग 45,000 बताई गई है।
रेल पुलिस उप महानिरीक्षक शिमाला प्रसाद और अति. पुलिस अधीक्षक भावना मरावी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई।
जीआरपी छिंदवाड़ा, आरपीएफ और नागपुर क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना पर जाल बिछाया।24 फरवरी को रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा से 5 संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने संगठित होकर चोरी करना कबूल किया।
पकड़े गए आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ हत्या, लूट और चोरी के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी भूरे खान पिता अली हसन अलीगढ़, देवेन्द्र कुमार पिता पप्पू कुमार फिरोजाबाद़ प्रेमदास (प्रेमा) रूपराम जाटव हाथरस, संत सिंह पिता रोशनलाल जाटव आगरा, ह्रदेश कुमार पिता किशनलाल एटा को गिरफ्तार किया है।
यह संगठित गिरोह केवल छिंदवाड़ा तक सीमित नहीं था। पूछताछ में सामने आया कि इन्होंने इन शहरों की ट्रेनों को अपना निशाना बनाया था। भोपाल, बीना, कटनी, मैहर, रीवा, नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा में वारदात कर चुके हैं। पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के पास से 8,100 नगद जब्त किए हैं।
गिरोह का सरगनाअभी भी फरार है। पुलिस की एक विशेष टीम उसकी तलाश में जुटी है। माना जा रहा है कि चोरी गया मुख्य माल (सोने का हार) सरगना के पास ही हो सकता है।