भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नगर पालिका अध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई, भाजपा ने 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, ऑडियो हुआ था वायरल
Chhindwara News: ऑडियो रिकॉर्डिंग और कमीशनखोरी के विवादों में घिरे परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 31 Jan 2026 08:09:42 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Jan 2026 08:09:42 PM (IST)
नगर पालिका अध्यक्ष पर गिरी अनुशासन की गाज।HighLights
- ठेकेदार से कमीशन और शराब की मांग पड़ी भारी
- नगर पालिका अध्यक्ष पर गिरी अनुशासन की गाज
- विनोद मालवी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। ऑडियो रिकॉर्डिंग और कमीशनखोरी के विवादों में घिरे परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी की छवि धूमिल करने और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
6 वर्षों के लिए प्राथमिक सदस्यता रद्द
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने शनिवार को आधिकारिक निष्कासन पत्र जारी करते हुए विनोद मालवी को 6 वर्षों के लिए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया है। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत की गई है। इस कार्रवाई के बाद से परासिया की स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है।
ऑडियो वायरल होने के बाद बढ़ी मुश्किलें
यह पूरा मामला उस समय सुर्खियों में आया जब विनोद मालवी की कथित बातचीत के कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इन ऑडियो क्लिप्स ने नगर पालिका के कामकाज और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। वायरल ऑडियो में वे कथित तौर पर भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री से संवाद कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं।
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कमीशन और शराब की मांग के गंभीर आरोप
वायरल ऑडियो की सामग्री बेहद चौकाने वाली है। इसमें पूर्व जिला महामंत्री, नगर पालिका अध्यक्ष से ठेकेदार के साथ कमीशन तय करने को लेकर चर्चा कर रहे हैं। बातचीत के दौरान पूर्व महामंत्री को यह कहते सुना जा सकता है कि 'ठेकेदार से एक परसेंट कमीशन कम लेना।' इसके अलावा, एक अन्य ऑडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें कथित तौर पर शराब ठेकेदार से शराब की मांग की जा रही है। इन सबूतों के सार्वजनिक होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्कासन का फैसला लिया।