एमपी में कलेक्टर की जासूसी... गोपनीय बातें सुनने और रिकॉर्ड करने पर दमोह कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, तीन कर्मचारी नपे
कलेक्टर की गोपनीय बातें सुनने और रिकॉर्ड करने के मामले में दमोह कलेक्टर ने स्टेनो कक्ष के तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। दरअसल, आकस्मिक निरीक्षण क ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 07 May 2026 10:23:09 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 10:23:09 PM (IST)
कलेक्टर प्रताप नारायण यादवHighLights
- कलेक्टर के औचक निरीक्षण की सीक्रेट प्लानिंग लीक करने पर हुई कार्रवाई
- एक कर्मचारी निलंबित, दो को मूल विभाग भेजा गया; फोन कॉल से खुला था राज
- कलेक्टर ने इसे आपराधिक कृत्य बताकर अन्य विभागों को भी जांच के निर्देश दिए
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। कलेक्टर की गोपनीय बातें सुनने और रिकॉर्ड करने के मामले में दमोह कलेक्टर ने स्टेनो कक्ष के तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। दरअसल, आकस्मिक निरीक्षण को लेकर कलेक्टर और अधिकारियों के बीच गोपनीय चर्चा चल रही थी। इसी दौरान उनके पास एक फोन कॉल आया, जिसमें पूछा गया कि "सर आप आज यहां आने वाले हैं।" इस सूचना से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को संदेह हुआ, क्योंकि निरीक्षण की योजना को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था। इसकी जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं दी गई थी।
अनुपयोगी फोन बना जासूसी का जरिया
जांच में पता चला कि कलेक्टर कार्यालय में अनुपयोगी पड़े फोन के माध्यम से गोपनीय बातें स्टेनो कक्ष तक पहुंच रही थीं। कलेक्टर ने संबंधित सीट पर कार्यरत कर्मचारी सहायक ग्रेड-3 सचिन खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही लंबे समय से पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अजय कुमार असाटी और भृत्य जयदेव अहिरवार को भारमुक्त कर उनके मूल विभाग सर्व शिक्षा केंद्र भेज दिया गया। दोनों संदिग्ध टेलीफोन सील कर मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।