
नईदुनिया न्यूज, दमोह। ऐतिहासिक सिंगौरगढ़ किले तक पहुंचने वाले वर्षों पुराने पारंपरिक मार्ग पर लगाए गए गेट को आखिरकार शनिवार को हटा दिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई और लगातार सामने आ रही जनभावनाओं के बाद राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के अनुज सत्येंद्र सिंह लोधी शनिवार दोपहर मौके पर पहुंचे।
भूमि स्वामी से चर्चा कर गेट हटवाने की कार्रवाई कराई गई। ग्रामवासियों ने बताया कि इस मार्ग का उपयोग लोग लंबे समय से सिंगौरगढ़ किला और जलाशय तक आने-जाने के लिए करते रहे हैं। मार्ग पर गेट लगने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के आवागमन को लेकर विवाद की स्थिति बन गई थी।
मामला मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई, बुधवार को तेंदूखेड़ा एसडीएम सीजी गोस्वामी मौके पर पहुंचे थे और भूमि स्वामी को गेट हटाने के लिए समय दिया गया था। प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद शनिवार को गेट हटाने की कार्रवाई की गई।
मंत्री के निर्देश पर पहुंचे सत्येंद्र सिंह लोधी मौके पर पहुंचे उन्हेने बताया कि कुछ दिन पूर्व क्षेत्र के लोग राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के पास ज्ञापन लेकर पहुंचे थे। उन्होंने सिंगौरगढ़ की ओर जाने वाले पारंपरिक मार्ग पर गेट लगाए जाने की जानकारी दी थी। उनके निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में वे मौके पर पहुंचे।
भूमि स्वामी से चर्चा की गई जिसके बाद उन्होंने गेट हटाने पर सहमति जताई, गेट को काटते हुये उसे निकालकर अलग कर दिया गया है और मार्ग को आवागमन के लिए चालू कर दिया गया है। सिंगौरगढ़ क्षेत्र से जुड़ी जनभावनाओं का सम्मान किया गया है।
गेट हटने के बाद आदिवासी युवा नेता भानु ठाकुर ने राज्यमंत्री एवं सत्येंद्र सिंह लोधी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिंगौरगढ़ किले तक जाने वाले पारंपरिक मार्ग को लेकर क्षेत्र के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई थीं। राज्यमंत्री के प्रयास और सत्येंद्र सिंह लोधी के मौके पर पहुंचने से समस्या का समाधान हो सका है, आदिवासी समाज की ओर से उनका आभार मानते है।
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