
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह/तेंदूखेड़ा। जिले के तेजगढ़ थाना अंतर्गत इमलिया चौकी के गांव महुआखेड़ा में शनिवार को तीन वर्षीय मासूम बालक की उसकी बड़ी मां ने गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया है।
हत्या का कारण पुलिस द्वारा मृतक के पिता और उसके बड़े भाई के बीच जमीनी विवाद बताया जा रहा है। मामले गंभीरता को लेकर शनिवार को नवागत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी भी घटनास्थल पहुंचे थे।
अधिकारियों को सूक्ष्मता के साथ जांच करने के लिए निर्देश दिए थे। वहीं इस मामले में पुलिस आरोपित बड़ी मां राजकुमारी पति भगवानसींग लोधी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी, जिसके बाद जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
इमलिया चाैकी के ग्राम महुंआखेड़ा में शुक्रवार को तीन वर्षीय मासूम अभिरूद्र सिंह पिता माखन सिंह के रहस्यमयी ढंग से लापता होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद स्वजन लगातार आसपास खोज करते रहे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।
इमलिया चौकी पहुंचकर मामला दर्ज कराया साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मासूूम के अपहरण का आरोप लगाते हुये शीघ्र ही पतासाजी करने की मांग उठाई थी। शुक्रवार को पुलिस की कई टीमें बालक की तलाश में जुटी हुई रही।
स्वजन बेटे की सलामती के लिए टकटकी लगाए बैठे रहे, शुक्रवार देर रात एएसपी सहित तेंदूखेड़ा अनुभाग की पुलिस टीम गांव पहुंची और स्वजनों से पूछताछ की। पुलिस ने घर के आसपास स्थित कुआं को भी खाली कराकर तलाश की लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका।
पिता माखन सिंह पुत्र कनई सिंह लोधी ने बताया कि अनिरूद्र सिंह शुक्रवार को सुबह 10 बजे घर के आंगन में खेल रहा था, इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया, उनका आरोप था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्चे का अपहरण कर लिया है।
पिता माखन सिंह ने बताया कि उनकी दो बेटियों के बाद बेटा हुआ था इसलिए वह पूरे परिवार का दुलारा था। घटना के बाद से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल रहा और परिवार लगातार बच्चे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है।
घटना के समय वह खेत पर काम करने गए थे, जब घर लौटे तो स्वजनों ने बच्चे के गायब होने की जानकारी दी। इसके बाद गांव में खोजबीन की गई और पुलिस को सूचना दी गई। स्वजनों के अनुसार घर से कुछ दूरी पर एक सफेद रंग की कार खड़ी देखी गई थी।
गांव के कुछ बच्चों ने उस कार को देखा था, आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात लोग बच्चे को उसी वाहन में बैठाकर ले गए। उनका घर मुख्य मार्ग से करीब 400 मीटर अंदर स्थित है, खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण किया जाता है।
ग्रामीण जाहर सिंह लोधी ने बताया कि बच्चे के माता-पिता खेत पर गए हुए थे और बालक अपनी दादी के पास घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान एक बाइक सवार कपड़े बेचने गांव आया था, उसके बाद से ही बच्चा दिखाई नहीं दिया। ग्रामीण राजाराम लोधी ने बताया कि गांव में करीब 40 से 50 घर है, कुछ बच्चों ने घर से थोड़ी दूरी पर एक सफेद रंग की कार खड़ी देखी थी, हालांकि बच्चे को ले जाते हुए किसी ने नहीं देखा।
एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बच्चे की खोजबीन के लिए पुलिस की कई टीम गठित की जिन्होंने ग्राम के कई कुआं खाली करवाए लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार को उसी घर के समीप पुलिस पहुंची और खोजबीन की तो बच्चे का शव गुबार के पास मिल गया। पुलिस ने शव को निकला और अब संदेह जताया गया कि मासूम की हत्या करके शव को छिपा दिया गया था।
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि मौके पर पहुंचकर जांच की गई और पूछताछ की गई तो पता चला कि मृतक के पिता और उसके बड़े भाई के बीच जमीनी विवाद चल रहा था जिस कारण उसकी बड़ी मां राजकुमारी पति भगवानसींग लोधी ने मासूम का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और उसके बाद उसके शव को घर के समीप बने हुये गुबार में जाकर फेंक दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। अभी मामले को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।
लापता बच्चे का शव उसी के घर के पीछे गुबार के समीप मिला है आगे जांच चल रही है। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक मौका स्थल पर पहुंचे थे और सूक्ष्मता के साथ जांच की गई अब पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रमाकांत मिश्रा
चौकी प्रभारी, इमलिया