
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। दमोह-छतरपुर हाईवे पर देहात थाना क्षेत्र के नरसिंहगढ़ में गुरुवार सुबह एक बेटे ने मोबाइल की जिद में सुनार नदी के 30 फीट उंचे पुल से छलांग लगा दी। बेटे को कूदता देख पिता ने भी उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पिता द्वारिका यादव के सामने ही उनके बेटे अंकित यादव ने नदी में छलांग लगाई थी। पिता को तैरना आता था इसलिए उन्होंने तुरंत बेटे को पकड़ लिया और दोनों अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे।
आसपास मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो तत्काल नाव लेकर नदी में पहुंचे, उन्होंने पिता-पुत्र दोनों को सुरक्षित तरीके से नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने घटना के संबंध में पूछताछ करने के बाद दोनों को उनके घर भेज दिया, समय रहते मिली मदद से पिता-पुत्र की जान बच गई।
नदी में कूदे पिता-पुत्र की पहचान रानगिर निवासी द्वारिका यादव और अंकित यादव के रूप में हुई है, यह लोग पहले दमोह के बजरिया वार्ड में रहते थे और करीब एक साल पहले ही नरसिंहगढ़ के रानगिर गांव में रहने लगे हैं। द्वारिका यादव मजदूरी करते है, द्वारिका यादव ने बेटे को गोद लिया है। वृद्ध की कोई औलाद नहीं है, द्वारका यादव मजदूरी करने के साथ-साथ ऑटो चलाता था ऑटो अभी खराब है।
बेटे अंकित ने बताया कि उसका मोबाइल गुम हो गया था, उसने अपने पिता से नया मोबाइल दिलाने की मांग की लेकिन पिता ने मना कर दिया। इसी बात पर वह गुस्से में गांव से सुनार नदी के पुल पर पहुंच गया, पिता भी उसके पीछे-पीछे वहां आ गए जहां दोनों के बीच कहासुनी हुई।
जब पिता ने मोबाइल लेने से फिर मना किया तो अंकित पुल से नदी में कूद गया, पिता द्वारिका यादव ने बताया कि उन्होंने बेटे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई और उसे पकड़कर पुल के पिलर के समीप पहुंच गए थे।
प्रत्यक्षदर्शी शहजाद ने बताया कि उनके सामने ही पिता-पुत्र कूदे थे, उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पुल से गुजर रहे लोगों को सूचना दी और पुलिस को भी अवगत कराया गया, पुलिस भी मौके पर पहुंची, इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
मांझी समाज के अध्यक्ष मोंटी रैकवार ने बताया कि मांझी समाज के मंडल अध्यक्ष डालचंद रैकवार ने हमें बताया कि पिता पुत्र नदी में कूदे है, उन्होंने तत्काल कहा कि वह नाव लेकर मौके पर पहुंचे। डालचंद स्थानीय लोगों की मदद से नाव लेकर नदी में उतरे और करीब आधे घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया।
जिस पुल से अंकित ने छलांग लगाई है, उस पुल की ऊंचाई करीब 30 फिट है। इस समय बारिश भी काफी अधिक हो रही है इसलिए नदी में भी बहुत तेज धार है। समय रहते लोगों की नजर पड़ गई और पिता पुत्र की जान बच गई।
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