
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया: मध्यप्रदेश के दतिया नगरपालिका में उस समय सनसनी फैल गई, जब विभाग में पदस्थ एक लिपिक (बाबू) दिलीप सिंह गौड़ ने उत्तर प्रदेश के झांसी में रविवार को कथित रूप से आत्महत्या कर ली। इस आत्मघाती कदम से न केवल मृतक के परिवार में मातम पसरा है, बल्कि नगरपालिका महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
घटना को और भी संवेदनशील बना दिया है लिपिक की ओर से मरने से पहले जारी किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपनी मौत के लिए उच्च अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
आत्महत्या से पूर्व जारी किए गए वीडियो में दिलीप सिंह गौड़ ने नगरपालिका के CMO (मुख्य नगरपालिका अधिकारी) नागेंद्र सिंह गुर्जर और दो अन्य कर्मचारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। दिलीप सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय से परेशान किया जा रहा था।
लिपिक के पद पर होने के बावजूद उन्हें ट्रेचिंग ग्राउंड (कचरा डंपिंग यार्ड) पर तैनात कर दिया गया था, जहां उनसे कचरा गाड़ियों की गिनती जैसा कार्य कराया जा रहा था। उनके अनुसार, यह कार्य उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था।
मृतक ने वीडियो में यह भी खुलासा किया कि जब वे मानसिक तनाव से तंग आकर किसी अन्य शाखा में स्थानांतरण (ट्रांसफर) का आवेदन लेकर सीएमओ के पास पहुंचे, तो उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि CMO की ओर से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे वे बेहद आहत थे। दिलीप सिंह ने प्रशासन से पुरजोर मांग की कि उनकी मौत के बाद इन दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
लिपिक के परिजनों ने बताया कि दिलीप पिछले काफी समय से दफ्तर के माहौल और कार्यस्थल की परिस्थितियों को लेकर मानसिक तनाव में थे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों को सजा दिलाने की अपील की है।
वहीं, दूसरी ओर सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी कर्मचारी को प्रताड़ित नहीं किया है और लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अमला इस संवेदनशील मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटा है। पुलिस उस वीडियो की तकनीकी जांच कर रही है और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि प्रताड़ना के दावों की पुष्टि हो सके।
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