
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र माता टेकरी पर शुक्रवार दोपहर अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। तेज गर्मी और हवा के कारण आग सूखी झाड़ियों और घास में तेजी से फैलती गई। इस दौरान माता टेकरी पर मौजूद श्रद्धालुओं काे सुरक्षित तरीके से नीचे उतारने के अलावा लगभग ढाई घंटे तक दर्शन भी रोके गए। पहाड़ी के सबसे ऊपरी हिस्से में लगी आग को काबू करने में लगभग दो घंटे से भी अधिक का समय लगा।
अज्ञात कारणों से लगी आग की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। संकरा रपट मार्ग होने के कारण फायर ब्रिगेड के बड़े वाहन ऊपर नहीं चड़ पाए। छोटे वाहनों को टेकरी पर पहुंचाया गया, जबकि बड़े फायर टेंडर से पानी सप्लाय किया गया।
झाड़ियों से शुरू हुई आग देखते ही देखते पूरी ऊपरी हिस्से में पहुंच गई। इस दौरान शहर के कई हिस्सों से आग की लपटें लोगों को दिखाई दीं।
दूसरी तरफ सूचना मिलते ही मौके पर नगर निगम, आइशर, गैल गैस, बीएनपी की दमकलें भी पहुंची। एएसपी जयवीरसिंह भदौरिया, सीएसपी सुमित अग्रवाल, एसडीएम अभिषेक शर्मा, तहसीलदार सपना शर्मा, कपिल गुर्जर सहित कई संबंधित मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले टेकरी के ऊपरी हिस्से दमदमा क्षेत्र में भड़की और तेज हवा के चलते देखते ही देखते परिक्रमा मार्ग के ऊपरी हिस्से की ओर फैल गई। सूखी घास और झाड़ियों ने आग को और भड़का दिया, जिससे हालात कुछ देर के बेहद खराब दिखे। आग की लपटें बड़ी माता मंदिर के ऊपरी हिस्से तक भी पहुंची। इस दौरान वहां लगे सोलर पैनलों व वाटर सिस्टम के पाइप को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
फायर ब्रिगेड के ऊपर नहीं पहुंच पाने के कारण स्थानीय लोगों व कर्मचारियों ने डिब्बों और कैनों से पानी पहुंचाया और आग बुझाने में जुट गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, जिसके बाद टीमें नीचे परिक्रमा मार्ग के कुछ हिस्सों की आग को काबू किया गया।
घटना के समय छोटी माता मंदिर के ऊपर की ओर चढ़कर बाल्टी से पुजारी परिवार ने पानी डाला। बड़ी माता मंदिर के ऊपरी क्षेत्र में बनी टंकियों से बाल्टियां भरकर पानी डाला गया। इसी बीच नगर निगम के कर्मचारी दो मोटरें लेकर पहुंचे और बड़ी माता मंदिर के पास स्थित कुंड में मोटरें डालकर पानी सप्लाय किया।
आग लगने के कारण टेकरी पर मौजूद श्रद्धालुओं में घबराहट दिखाई दी। कुछ श्रद्धालु बड़ी माता मंदिर के पास से भागते भी दिखे। सुरक्षा के मद्देनजर कई लोगों को नीचे रोका गया और कुछ श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।एहतियात के तौर पर शाम करीब साढ़े पांच बजे तक श्रद्धालुओं की टेकरी पर आवाजाही रोक दी गई थी।