देवास के सरकारी स्कूल में मासूम बच्चों से मजदूरी, रेत-गिट्टी ढुलवाने का वीडियो वायरल; शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए
देवास के सरकारी स्कूल में मासूम बच्चों से निर्माण कार्य कराने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। डीईओ ने जांच के आदेश देकर कार्रवा...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 22 Aug 2026 04:55:00 PM (IST)Updated Date: Sat, 22 Aug 2026 04:55:00 PM (IST)
देवास के सरकारी स्कूल में मासूम बच्चों से मजदूरी। (नईदुनिया)HighLights
- बच्चों से रेत और गिट्टी ढुलवाने का वीडियो वायरल हुआ।
- स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के सहयोग का अजीब तर्क दिया।
- डीईओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बागली विकासखंड के भीकूपुरा स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी (निर्माण कार्य) कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घटना का संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं और इसके लिए जिम्मेदार शिक्षक को निलंबित करने की तैयारी की जा रही है।
वीडियो वायरल होने पर हरकत में आया विभाग
- ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दिनों स्कूल परिसर में मरम्मत का कार्य चल रहा था। इस दौरान स्कूल के मासूम बच्चे हाथों में रेत और गिट्टी ढोते हुए नजर आए।
- मौके पर मौजूद एक जागरूक नागरिक ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। जब यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैला, तब जाकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी और उन्होंने मामले की पड़ताल शुरू की।
'सहयोग' के नाम पर बच्चों से कराई गई मजदूरी
- वीडियो सामने आने के बाद जब अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा, तो उन्होंने अजीब तर्क दिया। प्रबंधन का कहना था कि स्कूल में फर्श लगाने का काम चल रहा था और बच्चों ने अपनी मर्जी से 'सहयोग' के रूप में यह काम किया।
- हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने इस दलील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि बच्चों से इस तरह का काम करवाना सरासर गलत है। फिलहाल मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के बाद उचित कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मॉनिटरिंग के अभाव में बढ़ रही मनमानी
- जिले के स्कूलों में इस तरह की लापरवाही का एक बड़ा कारण विभागीय मॉनिटरिंग का अभाव भी माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इन दिनों जिले में बीएससी, बीआरसी और एपीसी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
- अधिकांश जगहों पर व्यवस्था प्रभारियों के भरोसे चल रही है, जिसके कारण ग्रामीण अंचलों के स्कूलों का नियमित और व्यवस्थित निरीक्षण नहीं हो पा रहा है।
यह भी पढ़ें- देवास पुलिस को मिली बड़ी सफलता: कार से 71 किलो अवैध गांजा जब्त, रायसेन के 4 तस्कर गिरफ्तार