देवास में ओलावृष्टि ने छीनी सैकड़ों तोतों की जिंदगी, 300 से ज्यादा की मौत, ग्रामीणों ने किया सामूहिक अंतिम संस्कार
MP News: मध्य प्रदेश के देवास जिले के हाटपीपल्या क्षेत्र में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से तीन सौ से अधिक तोतों की मौत हो गई। यह घटना ग्राम पितावली में ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 30 Jan 2026 09:26:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 30 Jan 2026 09:40:01 PM (IST)
देवास में ओलावृष्टि ने छीनी 300 से ज्यादा तोतों की जिंदगीनईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के हाटपीपल्या क्षेत्र में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से तीन सौ से अधिक तोतों की मौत हो गई। यह घटना ग्राम पितावली में हुई। यहां ये सभी तोते एक विशालकाय पेड़ पर बैठे हुए थे। यहां उनका बसेरा है।
आलोवृष्टि की चपेट में आने से वे स्वयं को बचा नहीं पाए और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने मृत तोतों को गड्ढे में दफन कर दिया। गांव के अजय सिंह सेंधव ने बताया कि तीन सौ अधिक तोतों की मौत हुई है। देवास रेंजर राजेश चौहान ने बताया कि ओलावृष्टि से तोतों की मौत की पुष्टि हुई है।
इससे पहले खरगोन के बड़वाह में फूड पॉइजनिंग से करीब 250 तोतों की मौत हो गई थी। पशु चिकित्सक मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मृत तोतों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण मिले थे।
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उन्होंने चिंता जताते हुए कहा था, "कई बार लोग पक्षियों को खाने में ऐसी चीजें डाल देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। इसके अलावा, पक्षी अक्सर खेतों में कीटनाशक छिड़काव के बाद वहां से दाना चुग लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है।" इस घटना के बाद सावधानी के तौर पर क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्मों की जांच की गई, जहां बर्ड फ्लू का कोई लक्षण नहीं मिला।