
नईदुनिया प्रतिनिधि देवास। मरीज बनकर डाॅक्टरों से बातचीत कर उनका स्टिंग आपरेशन करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने देवास के मीडियाकर्मियों सहित एक महिला व चार अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामले में बुधवार को दो मीडियाकर्मियों व एक महिला को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां से एक महिला व मीडियाकर्मी को जेल भेज दिया गया, जबकि एक अन्य का दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। इसी मामले से जुड़ी एक चिकित्सक का बुधवार को एक वीडियो भी वायरल हुआ।
पुलिस के अनुसार फरियादी चिकित्सक को स्टिंग वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। साथ ही लाखों रुपये लेने की बात भी सामने आई है। इस मामले में कुछ आरोपित दिल्ली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
राजवीर एवं एक महिला निवासी इंदौर, राजेश, अंबाराम व एक महिला निवासी देवास के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में राजेश, अंबाराम व महिला को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अंबाराम व महिला को जेल भेज दिया गया। राजेश का दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है।
मामले में कोतवाली टीआई श्यामचंद्र शर्मा ने कहा कि तीन लोग गिरफ्तार किए हैं, जिनमें से एक का पुलिस रिमांड लिया है। मामले में जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने जिन मामलों में एफआइआर की, उनमें फरियादी का नाम नहीं बताया, जिसे लेकर सवाल भी उठे।
बुधवार को इसी मामले ने नया मोड़ ले लिया। जिस महिला चिकित्सक को ब्लैकमेल करने संबंधी आरोप है, उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में चिकित्सक से एक महिला व पुरूष किसी प्रक्रिया के लिए बात कर रहे हैं। इसको लेकर चिकित्सक उनसे एडवांस राशि लेकर अगले दिन आने का बोलते हुए दिखाई दी है। साथ ही एक नर्स का वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद से संबंधित डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
कोतवाली टीआई श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि मामले में चार लोग फरार है। जांच में और भी नाम बढ़ सकते हैं। दो आरोपित रिमांड पर हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। डाॅक्टर के खिलाफ कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के जांच प्रतिवेदन के बाद ही हो सकेगी। इसमें संबंधित विभाग जांच कर रहा है।
अभी तक कुल पांच लोग गिरफ्तार
एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि मामले में अभी तक कुल पांच लोग गिरफ्तार हुए हैं। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना की गई है। डाॅक्टर के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की तरफ से प्रतिवेदन दिया गया है, जिसे संज्ञान में लिया है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक्ट के अंतर्गत संबंधित विभाग ही प्रतिवेदन भेजता है। प्रतिवेदन में दिए गए तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं। आरोपितों के नाम भी बढ़ सकते हैं। देवास के अलावा और कहां के लोग थे, कितने दिन यहां रूके, हिडन कैमरा कौन लेकर गया, स्टिंग का वीडियो सोशल मीडिया में कैसे वायरल हुआ आदि कई बिंदुओं के आधार पर जांच कर रहे हैं।