
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार-घाटा बिल्लोद। घाटा बिल्लोद में चंबल नदी पर अंग्रेजों के जमाने के पुराने पुल को तोड़ने का कार्य के चलते बुधवार को दोपहर में एक बड़ा हादसा टल गया। पुल तोड़ने के दौरान पोकलेन मशीन से काम में कथित लापरवाही के चलते अचानक करीब 250 मीटर लंबा स्लैब भरभराकर गिर पड़ा।
स्लैब गिरते ही मशीन के पंजे पर आ गिरा, जिससे मशीन का संतुलन बिगड़ गया और उसमें धुआं उठने लगा। मौके पर कुछ पल के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई, हालांकि गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, पुल को ध्वस्त करने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने से बड़ा खतरा पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि स्लैब गिरने के दौरान तेज आवाज या मलबा आसपास मौजूद लोगों या वाहनों पर गिरता, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
प्रशासन द्वारा पहले ही इस मार्ग पर यातायात डायवर्ट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेबड़, पानखेड़ी, मालती रोड सहित अन्य स्थानों पर डायवर्जन संकेत लगाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ बाइक सवार अब भी पुराने पुल के रास्ते से गुजर रहे हैं, जो बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।
यह मार्ग इंदौर से रतलाम को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। पुल निर्माण के चलते करीब 18 महीने तक यहां आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। लगभग 40 करोड़ रु की लागत से नए फोरलेन पुल का निर्माण किया जाएगा, जिससे भविष्य में यातायात सुगम होगा। फिलहाल वाहनों को 5 से 7 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर इंदौर-अहमदाबाद रोड के डायवर्ट मार्ग से गुजरना होगा।
प्रशासन और संबंधित विभाग ने लोगों से अपील की है कि पुल तोड़ने का कार्य पूर्ण होने तक इस मार्ग का उपयोग न करें। विशेष रूप से बाइक सवारों को चेतावनी दी गई है कि डायवर्जन के बावजूद पुराने पुल से गुजरना जानलेवा हो सकता है।
हमने कार्य में सावधानी रखने के लिए कहा है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं हो। कुछ बाइक सवार वहां से निकल रहे है। ये लोग कहां से आ रहे है, मालूम नहीं हो रहा है। हमने एजेंसी को कह दिया है कि वे बाइक सवार लोगों को इधर नहीं आने दे। - पुनम कछवाया, मैनेजर, मप्र सड़क विकास निगम, धार
जबलपुर के बरगी हादसे में लापरवाही ने ली जान, क्रूज के दोनों इंजन थे खराब; मार्च में दी थी जानकारी