धार की भोजशाला में वसंत पंचमी पर हुई नमाज व्यवस्था को लेकर मुस्लिम समाज की आपत्ति, कोर्ट जाएंगे
मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रशासन द्वारा की गई पूजा और नमाज की व्यवस्था को लेकर मुस्लिम समाज ने आपत्ति ज ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 25 Jan 2026 07:45:44 AM (IST)Updated Date: Sun, 25 Jan 2026 07:54:37 AM (IST)
भोजशाला और याचिकाकर्ता अब्दुल समद की तस्वीर।HighLights
- कहा, जिस स्थान पर नमाज करवाई गई, भोजशाला का परिसर नहीं
- प्रशासन ने डमी नमाज कराई, राजनीतिक दल से जुड़े थे नमाजी
- धार में समाज के 13 लोगों को बंदी बनाकर रखने का लगाया आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भोजशाला में वसंत पंचमी पर हिंदू समाज ने दिन भर पूजा की जबकि जुमे की नमाज के समय मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन की देखरेख में नमाज पढ़ी। अब नमाज को लेकर आपत्ति की गई है। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर व सुप्रीम कोर्ट में मामले के याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने डमी नमाज करवाई है। इसके लिए कुछ ऐसे लोगों को ले जाया गया, जो धार के स्थानीय निवासी नहीं थे।
13 लोगों को बंदी बनाया
यह लोग भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े हुए हैं। समद ने शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि उनके समाज के 13 लोगों को बंदी बनाकर रखा गया था। इस मामले में समाज के जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं याचिकाकर्ताओं से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया। हमने हमेशा प्रशासन को सहयोग दिया है।
जहां नमाज हुई वह भोजशाला परिसर नहीं
उन्होंने कहा कि विरोध करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इस पूरे मामले में वह न्यायालय की शरण लेकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। प्रशासन द्वारा कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई है। जिस स्थान पर नमाज करवाई गई वह भोजशाला का परिसर नहीं है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने प्रशासन को गलत जानकारी दी है। इस संबंध में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि वसंत पंचमी पर सारे कार्य उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार हुए हैं।