डिंडौरी में 10 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार, नर्मदा समेत तीन नदियां उफनीं, पुल डूबने से जबलपुर से टूटा संपर्क
डिंडौरी में 10 घंटे की भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। पांच इंच से अधिक वर्षा, नदियां उफान पर, पुल डूबे, कई मार्ग बंद और घरों में पानी घुसा।
Publish Date: Sun, 09 Aug 2026 09:43:37 AM (IST)Updated Date: Sun, 09 Aug 2026 10:09:29 AM (IST)
डिंडौरी में 10 घंटे की मूसलधार बारिश से हाहाकार। (नईदुनिया)HighLights
- डिंडौरी में लगातार 10 घंटे की भारी बारिश से हालात बिगड़े।
- जिला मुख्यालय में पांच इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई।
- नर्मदा, खरमेर और चकरार नदियां उफान पर पहुंचीं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। जिले में बीते 10 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला मुख्यालय में ही 5 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
नर्मदा, खरमेर और चकरार नदी उफान पर हैं। पहली बार जिले में इस स्तर की बारिश देखी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अभी और बारिश होने की संभावना है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
शहर का संपर्क टूटा, दोनों पुल डूबे
- भारी बारिश के कारण नर्मदा नदी पर बना जिला मुख्यालय का पुल और जबलपुर मार्ग में स्थित जोगी टिकरिया पुल सुबह 5:30 बजे से पानी में डूब गए हैं। पुल डूबते ही प्रशासन ने दोनों ओर बैरिकेड लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है।
पुल डूबने से डिंडोरी से जबलपुर, जबलपुर से अमरकंटक और शहडोल मार्ग का संपर्क टूट गया है। वहीं डिंडोरी से मंडला मार्ग भी बंद कर दिया गया है। दोनों पुलों के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं और बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में रुके हुए हैं। शहर के बीचों-बीच आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। नदी किनारे बसे घरों में घुसा पानी, राहत कार्य जारी
नर्मदा नदी किनारे बने मंदिर और घाट पूरी तरह डूब गए हैं। नदी किनारे स्थित घरों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है। प्रशासन ने सुबह से ही नदी किनारे बसे घरों को खाली कराना शुरू कर दिया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में जगह-जगह पानी भर गया है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान भीग गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिगड़े हालात
- जिले के बजाग, करंजिया सहित अमरकंटक क्षेत्र में भी जोरदार बारिश हो रही है। लगातार बारिश से वहां भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। खरमेर और चकरार नदी के उफान से आसपास के गांवों में भी जलभराव की स्थिति बन गई है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है। कलेक्टर के निर्देश पर सभी मार्गों को बंद कर दिया गया है। नदी किनारे निगरानी बढ़ा दी गई है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों को तैनात किया गया है।अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिले में पहली बार एक साथ इतनी लंबी और तेज बारिश हुई है। लगातार हो रही बारिश से फसलों को भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यह भी पढ़ें- MP Weather 09 August: मानसून ट्रफ के प्रभाव से बदला मौसम, भोपाल से रीवा तक कई जिलों में होगी झमाझम बारिश