
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। पहली पत्नी से अधिकृत तौर पर तलाक लिए बिना दूसरा ब्याह रचाने वाले प्रधान आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। एसडीओपी से जांच कराने के बाद पुलिस अधीक्षक आशीष खरे द्वारा इस मामले में यह कार्रवाई की गई है।
संबंधित प्रधान आरक्षक रोहन कुमार मरावी की दूसरी पत्नी से जो बच्चे हुए उनके दस्तावेजों में भी संबंधित प्रधान आरक्षक के ही नाम सामने आए। इस मामले की पुलिस अधीक्षक से दीपक ठाकुर द्वारा लिखित शिकायत की गई थी।
जिले में पुलिस विभाग ने आचरण नियमों के उल्लंघन पर यह बड़ी कार्रवाई की है। एसपी द्वारा जारी किए गए आदेश में उल्लेख है कि पहली पत्नी से विधिवत तलाक लिए बिना दूसरी महिला के साथ पति-पत्नी की तरह रहने और दो बच्चों को जन्म देने के मामले में आरक्षक क्रमांक 244 रोहन सिंह मरावी को सेवा से पृथक कर दिया गया है।
आदेश में बताया गया है कि आरक्षक रोहन सिंह मरावी चौकी गोपालपुर में पदस्थ थे और वर्तमान में रक्षित केंद्र डिंडौरी से संबद्ध थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 22(1)(2) का उल्लंघन करते हुए पहली पत्नी सावित्री बाई से कानूनी तलाक लिए बिना दूसरी महिला पार्वती बाई के साथ पति-पत्नी की तरह जीवन व्यतीत किया।
जांच के दौरान प्रधान आरक्षक की दूसरी पत्नी से जन्मे बच्चों की समग्र आईडी, परिवार आईडी, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में परखा गया। दस्तावेजों से पुष्टि हुई कि पार्वती बाई से आरक्षक के एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
आरक्षक ने अपने जवाब में कहा कि पहली पत्नी से लंबे समय से विवाद के कारण दोनों अलग रह रहे हैं और न्यायालय के आदेश पर भरण-पोषण राशि दी जा रही है, लेकिन विभागीय जांच में विधिवत तलाक का कोई वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
जांच अधिकारी ने माना कि इस आचरण से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरक्षक को 27 मार्च 2025 से 10 जनवरी 2026 तक कुल 299 दिन निलंबित रखा गया था। अब जांच में आरोप प्रमाणित होने पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सेवा से पृथक करने का अंतिम आदेश जारी किया है।
पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी महिला से विवाह करने की शिकायत मिली थी। पूरे मामले की एसडीओपी से जांच कराई गई। दूसरी पत्नी से जो बच्चे थे उनके दस्तावेजों में भी संबंधित का नाम था। पूरी जांच के बाद प्रधान आरक्षक को इस मामले में सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी हुआ है।
आशीष खरे, पुलिस अधीक्षक डिंडौरी।
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