
नईदुनिया प्रति्निधि,डिंडौरी। जिले के बजाग और करंजिया जनपद पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्यों के भूमि पूजन और लोकार्पण के लिए लगाए जा रहे शिलापट्टों में भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम और मंडल अध्यक्षों का नाम नहीं होने का विरोध बढ़ गया है।
भाजपा के सभी नेता एकजुट होकर शनिवार रात करीब 9:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंच गए। सभी कलेक्टर कार्यालय गेट के बाहर धरने पर बैठ गए और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए।
बताया गया कि करंजिया में महाविद्यालय भवन सहित अन्य छात्रावास और स्कूल भवनों का लोकार्पण कार्यक्रम रविवार को होना है। इस कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को भी शामिल होना था। इसी कार्यक्रम के लिए लगाए गए शिलापट्टों में भाजपा नेताओं का नाम नहीं था।
जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
इसी को लेकर शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और विभागीय अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई। जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सभी नेता अड़े हुए हैं। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, भाजपा आदिवासी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह टेकाम सहित अन्य नेता देर रात कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे रहे। सभी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई। सत्ताधारी दल के नेताओं का देर रात कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठना जिले में चर्चा का विषय बन गया। बड़ी संख्या में भाजपा के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचने लगे।
कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई थी
गौरतलब है कि शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में जिला स्तर पर कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर भी चर्चा हुई थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसे लेकर भी प्रशासन और नेताओं के बीच तकरार की चर्चाएं हैं।
विरोध प्रदर्शन में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधराज बिलैया, सभी महामंत्री और मंडल अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
नाम कलेक्टर को दिखाकर ही तय किए गए थे
सभी नेता संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि संबंधित अधिकारी का कहना है कि नाम कलेक्टर को दिखाकर ही तय किए गए थे और इस पूरे घटनाक्रम में उनका कोई व्यक्तिगत हस्तक्षेप नहीं है। समाचार लिखे जाने तक कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंची थीं। एसडीएम और एसडीओपी मौके पर मौजूद थे तथा सभी कलेक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।