
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी, करंजिया। जिले के करंजिया थाना क्षेत्र में 17 जून से लापता 5 वर्षीय बालक इमरान का शव सोमवार को जंगल में टुकड़ों में मिलने से सनसनी फैल गई। मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब जांच में सामने आया कि बालक के गायब होने के बाद उसके परिजनों से अलग-अलग बारकोड भेजकर फिरौती के रूप में पैसे की मांग की जा रही थी।
शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। वहीं पुलिस हत्या, हादसा और जंगली जानवर के हमले सहित सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
ग्राम तरेरा निवासी इख्तियार खान का 5 वर्षीय बेटा इमरान 17 जून की सुबह करीब 7 बजे घर से लापता हो गया था। परिजनों की शिकायत के बाद करंजिया थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई थी। इसके बाद तीन थानों की पुलिस लगातार बालक की तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से करीब 25 किलोमीटर क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया, लेकिन पांच दिनों तक बालक का कोई सुराग नहीं मिला।
सोमवार सुबह जंगल में दातून और पत्ता लेने गई एक महिला को बच्चे के शव के अंग बिखरे हुए मिले। मौके के पास जूते और कपड़े भी मिले, जिनके आधार पर परिजनों ने इमरान के रूप में पहचान की।
शव के अंग घर से करीब तीन-चार किलोमीटर दूर जंगल में मिले। बताया जा रहा है कि इख्तियार खान का घर भी जंगल से लगा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक आशीष खरे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान सामने आया कि इमरान के लापता होने के बाद परिजनों के मोबाइल पर अलग-अलग बारकोड भेजे गए थे। इनके जरिए पैसे की मांग की जा रही थी। इमरान के पिता इख्तियार खान ने बताया कि शनिवार को उनके पास फोन आया था। आरोपितों ने अलग-अलग बारकोड भेजे और उनसे करीब 67 हजार रुपये की वसूली की गई। इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई थी।
इख्तियार के अनुसार उन्होंने आरोपितों से अपने बेटे को दिखाने के लिए कहा था, जिसके बाद वीडियो कॉलिंग पर बच्चे को दिखाया गया था। अब जिस तरह से शव के अंग मिले हैं, उससे उन्हें संदेह है कि मामले में कुछ और है।
करंजिया थाना प्रभारी एसएस उसराठे ने बताया कि जो बारकोड भेजे गए थे, उनके खाते पुणे, जयपुर और मद्रास से जुड़े मिले हैं। पुलिस इन स्थानों पर भी जांच करेगी। फिलहाल साइबर सेल की मदद से बारकोड और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसे आखिर किन खातों में पहुंचे।
बालक की अधिकृत पहचान के लिए परिजनों के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल जबलपुर भेजे गए हैं। एसपी आशीष खरे ने एफएसएल टीम को मौके से साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। हत्या या जंगली जानवर का हमला, जांच जारी
पुलिस प्रारंभिक तौर पर जंगली जानवर के हमले की आशंका भी जता रही है, क्योंकि शव के अंग अलग-अलग स्थानों पर मिले हैं। हालांकि परिजनों का कहना है कि 5 वर्षीय बच्चा अकेले जंगल के अंदर इतनी दूर तक नहीं जा सकता।
फिरौती की मांग और इसके बाद शव मिलने से परिवार हत्या की आशंका जता रहा है। ग्रामीणों ने भी जल्द मामले का खुलासा करने की मांग की है। पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है।
यह बहुत ही दुखद घटना है। इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जब तक इस मामले में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती जांच जारी रहेगी। बारकोड भेजकर परिजनों से वसूली की जानकारी भी है। इसकी भी जांच की जा रही है। जिन खातों में पैसा गया है, वे दूसरे राज्य के हैं। वहां भी टीम भेजी जाएगी। डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है।
-आशीष खरे, पुलिस अधीक्षक डिंडौरी।