• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • डिंडौरी

MP के डिंडौरी में लापरवाही, 29 लाख की जगह 2.93 करोड़ सब्सिडी का भुगतान, भोपाल तक हड़कंप, हितग्राही ने लौटाए

खास बात यह है कि इकाई की प्रोपराइटर रिचा राजपाल ने ईमानदारी दिखाते हुए खुद विभाग को पत्र लिखकर अतिरिक्त राशि दो करोड़ 64 लाख रुपये वापस करने की पहल की ...और पढ़ें

By Ashish ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 08:56:29 AM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 09:38:10 AM (IST)
  • Join करें
MP के डिंडौरी में लापरवाही, 29 लाख की जगह 2.93 करोड़ सब्सिडी का भुगतान, भोपाल तक हड़कंप, हितग्राही ने लौटाए
अपने व्यवसायी पति रमेश राजपाल के साथ रिचा राजपाल। सौजन्‍य स्‍वयं

HighLights

  1. जिम्मेदार अधिकारी बता रहे अंकों की गलती, आरोप प्रत्यारोप का दौर
  2. राइस मिल संचालक ने खुद लौटाए दो करोड़ 64 लाख रुपये
  3. मामला जिला मुख्यालय निवासी हितग्राही से जुड़ा हुआ है

नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी में उद्योग विभाग द्वारा जारी की जा रही सब्सिडी में बड़ी मनमानी सामने आई है। 29 लाख की जगह लगभग तीन करोड़ की सब्सिडी खाते में देखकर हितग्राही भी दंग रह गई। मामला जिला मुख्यालय निवासी हितग्राही से जुड़ा हुआ है।

प्रोत्साहन योजना में बड़ी वित्तीय चूक

मध्य प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना में बड़ी वित्तीय चूक का मामला सामने आया है। जिला व्यापार व उद्योग केंद्र डिंडौरी द्वारा नर्मदा राइस मिल इकाई को 29 लाख 34 हजार रुपये की जगह गलती से दो करोड़ 93 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।


मेसर्स नर्मदा राइस मिल इकाई कोहका को कराना था भुगतान

बताया गया कि महाप्रबंधक जिला व्यापार व उद्योग केंद्र डिंडौरी को मेसर्स नर्मदा राइस मिल इकाई कोहका जिला डिंडौरी को एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 29 लाख 34 हजार 722 रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन विभागीय त्रुटि के कारण इसके स्थान पर 2 करोड़ 93 लाख 47 हजार 223 रुपये का भुगतान कर दिया गया।

अतिरिक्त राशि तुरंत शासन को वापस की जा सके

पत्र में प्रोपराइटर रिचा राजपाल ने उल्लेख किया है कि निर्धारित राशि से 2 करोड़ 64 लाख 12500 रुपये अतिरिक्त भुगतान हुआ है। उन्होंने विभाग से बैंक खाता नंबर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि यह अतिरिक्त राशि तुरंत शासन को वापस की जा सके।

डिंडौरी से लेकर भोपाल तक हड़कंप

महिला हितग्राही रिचा राजपाल के पति रमेश राजपाल ने बताया कि उन्होंने जानकारी लगते ही तत्काल बैंक प्रबंधक से चर्चा करने के साथ उद्योग विभाग के महाप्रबंधक से ही चर्चा की और पत्र देकर संबंधित राशि वापस करने के लिए खाता नंबर लिया है। यह बड़ी मनमानी सामने आने पर डिंडौरी से लेकर भोपाल तक हड़कंप की स्थिति देखी गई।

विभागीय लापरवाही उजागर

इस घटना ने जिला व्यापार व उद्योग केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 गुना अधिक राशि का भुगतान हो जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यदि इकाई संचालक खुद आगे आकर सूचना नहीं देतीं तो शासन को करोड़ों का नुकसान हो सकता था।

स्थानीय लोगों ने इसे बड़ी मनमानी माना है

प्रदेश में वित्तीय संकट के चलते दर्जनों ऐसे हितग्राही हैं जिन्हें सब्सिडी की राशि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इस तरह की बड़ी चूक बड़ा सवाल खड़े करने वाली है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान बिना सत्यापन के कैसे हो गया। भुगतान से पहले बिल, वाउचर और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।

ईमानदारी की विभागीय अधिकारी कर रहे तारीफ

राइस मिल संचालक रिचा राजपाल की ईमानदारी की तारीफ उद्योग विभाग के अधिकारी ही कर रहे हैं। उन्होंने समय रहते विभाग को गलती की सूचना देकर अतिरिक्त राशि लौटाने की पहल की। इससे शासन का 2.64 करोड़ रुपये बच गया। फिलहाल जिला व्यापार व उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने इस मामले में जांच की बात कही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं और भी ऐसी त्रुटि तो नहीं हुई है। भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

रिचा राजपाल के नाम से लगभग 29 लाख की सब्सिडी आनी थी, लेकिन हेड ऑफिस से ही कुछ त्रुटि होने के चलते उनके खाते में लगभग 3 करोड़ की राशि आ गई थी। जानकारी लगने पर जिनके खाते में राशि आई थी, उन्होंने स्वयं आकर जानकारी दी। उसके बाद अधिक राशि जो खाते में आई थी, उसे वापस शासन के खाते में जमा करा दी गई है।

राधिका कुसरे, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र डिंडौरी

यह भी पढ़ें- ट्रांसफर पर हाई कोर्ट सख्त : चार साल की छूट खत्म, अब नहीं मिलेगा संरक्षण, अमर्यादित बहस पर वकील पर 10 हजार जुर्माना