
नवदुनिया प्रतिनिधि, गुना। इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता की होड़ में धार्मिक, सार्वजनिक, शासकीय परिसरों एवं प्रतिबंधित स्थलों पर रील बनाने वालों को पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है। ऐसे ही युवक-युवती, जो प्रतिबंधित केदारनाथ मंदिर गुफा में अवैध रूप से प्रवेश कर रील बना रहे थे, उनके खिलाफ म्याना थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार गतदिवस इंटरनेट मीडिया के माध्यम से एक वीडियो प्राप्त हुआ था, जिसमें एक युवक-युवती केदारनाथ मंदिर गुफा के नीचे प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर फोटो एवं वीडियो बनाते हुए दिखाई दिए।
केदारनाथ धाम में प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद मंदिर गुफा में प्रवेश कर वीडियो बनाने की घटना को पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने गंभीरता से लेते हुए बहुप्रसारित वीडियो की जांच कर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी क्रम में म्याना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे युवक-युवती की पहचान के प्रयास शुरू किए और जल्द ही युवती की पहचान सुनिश्चत कर उसे तलब किया, जिसने पूछताछ में बताया कि वह 10 जुलाई को अपने साथी समक्ष साहू निवासी ग्राम बजरंगगढ़ के साथ केदारनाथ मंदिर गुफा पहुंची थी, जहां दोनों ने फोटो एवं वीडियो बनाए तथा उन्हें इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया था।
इधर, जिला दंडाधिकारी ने 26 जुलाई 2024 को आदेश जारी कर केदारनाथ मंदिर गुफा में प्रवेश प्रतिबंधित किया है। जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि दोनों युवक-युवती ने प्रतिबंधित घोषित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश कर आदेश का उल्लंघन किया है। इस पर दाेनों के विरुद्ध म्याना थाने में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति प्रवेश न करें। साथ ही सख्त हिदायत दी कि इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता, अधिक व्यूज, लाइक्स अथवा फॉलोअर्स की होड़ में किसी भी प्रतिबंधित स्थल, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थान, शासकीय परिसरों, संवेदनशील क्षेत्रों अथवा अन्य निषिद्ध स्थानों पर जाकर फोटो, रील अथवा वीडियो बनाने का प्रयास न करें।
ऐसे कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि स्वयं एवं अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर निगरानी रखे हुए है तथा नियमों का उल्लंघन करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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