
नवदुनिया प्रतिनिधि, गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने तीन दिवसीय दौरे पर गुना आए। लेकिन क्षेत्रीय विधायक पन्नालाल शाक्य की दूरी ने सियासी हल्कों में तमाम चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसे किसी ने पार्टी की अंतर्कलह तो कोई पिछले दिनों विधायक का सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर साधे निशाने से जोड़ते हुए बगावत के रूप में देख रहे हैं।
क्योंकि, रविवार को विधायक शाक्य ने अपने गुना कार्यालय में बैठकर प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ सुनते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट की। लेकिन मंत्री सिंधिया के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए। इस मामले में देर शाम विधायक ने कहा कि पार्टी की मीटिंग में भोपाल आया हूं। दरअसल, केंद्रीय मंत्री सिंधिया इन दिनों गुना भ्रमण पर हैं। उनके कार्यक्रम 27 जून से शुरू हुए, लेकिन क्षेत्रीय विधायक शाक्य किसी भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए।
इसके बाद रविवार को भी सिंधिया के कार्यक्रम 10.35 बजे से शुरू होकर गुना के आसपास ही चलते रहे। इस दौरान कलेक्ट्रेट में दिशा की बैठक भी हुई, लेकिन विधायक इसमें भी शामिल नहीं हुए, जबकि बमोरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल मौजूद रहे। जबकि विधायक शाक्य सुबह गुना में ही थे। इसकी पुष्टि उन्हीं के द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट से हुई।
इसमें उन्होंने अपने गुना कार्यालय में बैठकर मोबाइल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मन की बात’ सुनते हुए फोटो डाला है। विधायक ने पोस्ट में लिखा कि ‘भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात का 135वां संस्करण का लाइव कार्यालय पर देखा।’ दरअसल, विधायक की नाराजगी को कुछ समय पहले हुए एक बड़े विवाद से जुड़ी हैं, जब गुना में बेतहाशा अघोषित बिजली कटौती चल रही थी।
उस समय आक्रोशित विधायक पन्नालाल शाक्य नागरिकों और किसानों को साथ लेकर सीधे बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे। वहां अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उनका गुस्सा अपनी ही सरकार के सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर फूट पड़ा था।
विधायक शाक्य ने कैमरों के सामने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर पर तंज कसते हुए नाकारा और नौटंकीबाज कहा था, तो जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद राजपूत को ‘महाराज’ से बड़ा समझने वाला मंत्री। इस बीच बिजली अधिकारियों ने ग्वालियर का उदाहरण दिया, तो विधायक ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि ग्वालियर सिंधिया की राजधानी है, वहां चाहे अंधेरा रहे या हैलोजन जलें, हमें मतलब नहीं।
हमें तो गुना की जनता की चिंता है। उक्त घटनाक्रम सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, तो भाजपा संगठन ने भी गंभीरता से लिया था। इसके बाद विधायक को राजधानी तलब भी किया गया था। हालांकि, संगठन के सामने पारिवारिक एकजुटता की बात करने के बाद भी वर्तमान में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के दौरों से दूरी बनाना दिखाता है कि गुना भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान और असंतोष की आग ठंडी नहीं हुई है।