ग्वालियर में किराए पर चलाने का झांसा देकर हड़पी तीन करोड़ की गाड़ियां, एफआइआर
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया सहित अन्य सरकारी विभागों और कंपनियों में कार किराये से लगाने के नाम पर करीब 30 गाड़ियां लेकर शातिर ठग फरार हो गया। उसने ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 03 Feb 2026 07:16:53 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Feb 2026 07:16:52 PM (IST)
ग्वालियर में 30 गाड़ी मालिकों को लगा करोड़ों का चूनाHighLights
- ग्वालियर: NHAI में कार लगाने के नाम पर 30 गाड़ियां लेकर ठग फरार
- 30 से 50 हजार रुपये किराये का दिया लालच; करीब 3 करोड़ की ठगी
- आरोपी अभय सिंह ने परिचितों की गाड़ियां बेचीं और गिरवी रख लीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया सहित अन्य सरकारी विभागों और कंपनियों में कार किराये से लगाने के नाम पर करीब 30 गाड़ियां लेकर शातिर ठग फरार हो गया। उसने करीब तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की गाड़ियां खुर्द-बुर्द कर दीं। गाड़ी मालिकों को हर महीने 30 से 50 हजार रुपये तक किराये का लालच दिया था। ठगी के शिकार गाड़ी मालिक एसएसपी धर्मवीर सिंह के पास पहुंचे, तो उन्होंने क्राइम ब्रांच को एफआईआर करने के निर्देश दिए।
किराये का लालच देकर की धोखाधड़ी
कार मालिकों ने बताया कि भिंड के मानहड़ का रहने वाला अभय सिंह भदौरिया ग्वालियर में किराये से रहता है। वह खुद को टैक्सी एजेंसी संचालक बताता था। उसने झांसा दिया कि उसके सरकारी विभागों में बड़े संपर्क हैं और वह गाड़ियां किराये से लगवाता है। उसने दावा किया कि निजी कंपनियों में भी अच्छा किराया मिलता है। इसके बाद उसने करीब 30 कारों का अनुबंध किया और 30 से 50 हजार तक प्रतिमाह किराया दिलाने का वादा किया।
भुगतान न मिलने का बहाना और मोबाइल बंद
उसने एक-दो महीने किराया दिया और इसके बाद किराया देना बंद कर दिया। उसने कहा कि अभी सरकार से ही भुगतान नहीं मिला है और कुछ माह में पैसा मिल जाएगा। लोगों ने जब गाड़ियां वापस मांगी, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। अब उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। अभय सिंह भदौरिया ने अपने परिचितों को ही ठगा है। कई लोगों ने बैंक से लोन लेकर गाड़ियां खरीदी थीं।
गाड़ियां गिरवी रखीं और बेचीं, पुलिस जांच शुरू
लोगों ने पुलिस को बताया कि किसी की गाड़ी उसने गिरवी रखकर कर्ज ले लिया, तो किसी की गाड़ी ही बेच दी। क्राइम ब्रांच की डीएसपी मनीष यादव ने बताया कि आरोपित को जल्द ही पकड़ा जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है ताकि पीड़ितों को उनकी गाड़ियां वापस मिल सकें।