शिक्षा विभाग की कछुआ चाल में अटकी सीएम राइज की बस सेवा
सीएम राइज के विद्यार्थियों को बस सेवा नहीं मिल पा रही है। वह भी तब जब टेंडर खुले हुए डेढ़ माह का समय बीत चुका है, लेकिन टेंडर खुलने के बाद की प्रक्रिय ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Aug 2024 11:10:54 AM (IST)Updated Date: Thu, 01 Aug 2024 11:10:54 AM (IST)
शिक्षा विभाग की कछुआ चाल में अटकी सीएम राइज की बस सेवा। सीएम राइज स्कूल का सांकेतिक चित्र।HighLights
- बस सेवा का टेंडर खुले हुए डेढ़ माह बीतने के बाद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है
- सीएम राइज स्कूल की बसों के तीन साल से नहीं हो सके टेंडर
- टेंडरों को लेकर भोपाल से मांगा मार्गदर्शन, लेकिन अभी तक नहीं मिला
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शिक्षा विभाग की कछुआ चाल के चक्कर में सीएम राइज के विद्यार्थियों को बस सेवा नहीं मिल पा रही है। वह भी तब जब टेंडर खुले हुए डेढ़ माह का समय बीत चुका है, लेकिन टेंडर खुलने के बाद की प्रक्रिया डेढ़ माह में पूरी नहीं हो सकी। यह प्रक्रिया भी महज आला अधिकारियों के मार्ग दर्शन को लेकर रुकी हुई है।
भोपाल में बैठे इन अफसरों को ना तो उन बच्चों की परेशानी दिखाई दे रही है और न ही समय पर काम कर बस सेवा चालू कराने की जल्दी है। अफसरों के सुस्त रवैया के कारण सीएम राइज के विद्यार्थियों को पैदल ही स्कूल आना जाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सात जून को सीएम राइज स्कूल बस सेवा का टेंडर खोला गया था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ के चलते भोपाल से मार्ग दर्शन चाहा गया। डेढ़ माह गुजरने के बाद भी भोपाल के अफसर दिशा निर्देश जारी नहीं कर सके। इसके कारण टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसको लेकर भोपाल से मार्गदर्शन मांगा गया है, लेकिन अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी हैं।
तीन साल से नहीं हो सके टेंडर
सीएम राइज स्कूल में बस सेवा शुरू करने के लिए पिछले तीन साल से टेंडर जारी हो रहे हैं, लेकिन किसी न किसी कारण से टेंडर नहीं खुलता जिसके कारण बस सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। पिछले दो बार तो टेंडर में भाग लेने के लिए किसी ने बिड नहीं भरी, क्योंकि बस सेवा की जो राशि प्रति छात्र निर्धारित की थी वह काफी कम थी। इस बार राशि बढ़ाई गई तो करीब 60 लोगों ने अपनी बिड भी भरकर दी है पर अब इस तरह की अड़चन आ रही है जिससे टेंडर नहीं खुल पा रहा है।
इन बिंदुओं पर चाहा गया मार्ग दर्शन
- डेढ़ माह पहले जब टेंडर खोला गया।तो पता चला कि जिन लोगों ने टेंडर भरा उन्होंने काफी सारी गड़बड़ी की। जिसको लेकर टेंडर किसे दिया जाए इसको लेकर संकट खड़ा हो गया। इसी को लेकर भोपाल से मार्ग दर्शन मांगा गया।
टेंडर भरते समय कुछ लोगों ने राशि के स्थान पर शून्य भर दिया।
टेंडर में कुछ लोगों ने चार से अधिक रूट भर दिए जबकि एक बार में चार से अधिक रूट नहीं भरे जाने थे।
कुछ लोगों ने अपनी फर्म के नाम से टेंडर भर दिए।
कुछ लोगों ने जाे राशि भरी है वह निर्धारित से अधिक भर दी है। भोपाल से मार्ग दर्शन अब तक नहीं मिल सका। जिसके कारण टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है। इस बार भोपाल खुद जाकर इन समस्याओं का समाधान भोपाल के अफसरों से लिया जाएगा जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बस सेवा चालू शीघ्र कराई जाएगी।
दीपक पांडे, संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग