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ग्वालियर में बिजली कंपनी के दावों की खुली पोल, 3 महीने तक नहीं ली रीडिंग, अब उपभोक्ताओं को थमाए हजारों के बिल

उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान और बिल संशोधन के लिए बड़े-बड़े दावे करते हुए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

By Anoop BhargavEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 08:25:52 PM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jun 2026 08:26:33 PM (IST)
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ग्वालियर में बिजली कंपनी के दावों की खुली पोल, 3 महीने तक नहीं ली रीडिंग, अब उपभोक्ताओं को थमाए हजारों के बिल
ग्वालियर में बिजली कंपनी के दावों की खुली पोल

HighLights

  1. तीन महीने तक नहीं हुई मीटर रीडिंग, भारी-भरकम बिल
  2. बिल सुधार के लिए उपभोक्ताआ लगा रहे दफ्तरों के चक्कर
  3. बाराघाटा जोन में सबसे ज्यादा शिकायतें पहुंच रहीं सामने

नई दुनिया, प्रतिनिधि, ग्वालियर। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान और बिल संशोधन के लिए बड़े-बड़े दावे करते हुए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के ठीक उलट है। जमीनी स्तर पर कंपनी का यह अभियान पूरी तरह बेपटरी हो चुका है। उपभोक्ताओं को लगातार मनमाने बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे आमजन में नाराजगी है।

पूरी समस्या की जड़ में मीटर रीडरों की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। नियमित रूप से घरों तक न पहुंचने के कारण मीटर रीडर मनमाने तरीके से रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। सबसे बदतर स्थिति उन क्षेत्रों की है जहां अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, या जिन उपभोक्ताओं ने इन्हें नहीं लगवाया है।


पिछले तीन महीनों से इन घरों में कोई मीटर वाचक रीडिंग लेने नहीं पहुंचा। अब कंपनी ने एक साथ तीन महीने की संचित रीडिंग दर्ज कर उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के भारी-भरकम बिल थमा दिए हैं।

दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर उपभोक्ता

बिलों को सुधरवाने के लिए उपभोक्ताओं को धूप और गर्मी में बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। नियमानुसार जो काम एक ही टेबल पर हो जाना चाहिए, उसके लिए उपभोक्ताओं को पहले सहायक प्रबंधक, फिर प्रबंधक और अंत में उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) कार्यालय तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद बिजली कंपनी के अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। वहीं बिल सुधार की प्रक्रिया कछुआ गति से चल रही है।

बाराघाटा जोन में ज्यादा लापरवाही

वैसे तो यह समस्या नगर संभाग दक्षिण, पूर्व और केंद्रीय में पैर पसार चुकी है, लेकिन नगर संभाग केंद्रीय के बाराघाटा जोन में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इस क्षेत्र से रोजाना सैकड़ों उपभोक्ता ज्यादा बिलिंग और मीटर रीडरों की शिकायत लेकर दफ्तर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।

क्या कहते हैं उपभोक्ता

तीन महीने नहीं हुई रीडिंग

घर में सामान्य मीटर लगा है। पिछले तीन महीने से कोई मीटर रीडर रीडिंग लेने नहीं आया। हमने सोचा कि शायद अगले महीने आएगा, लेकिन इस महीने सीधे 10 हजार का बिल थमा दिया गया। मीटर रीडर की गलती की सजा हम क्यों भुगतें।

- मोनू कुशवाह, उपभोक्ता (बाराघाटा जोन)

सुधार के नाम पर सिर्फ मानसिक प्रताड़ना

तीन महीने से कोई मीटर रीडिंग लेने नहीं आया, सीधे ज्यादा राशि का बिल भेज दिया गया। अब सुधार कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गलती मीटर रीडर की है लेकिन परेशानी हमें झेलनी पड़ रही है। शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं मिलता।

- जीतू पाल, उपभोक्ता, नाका चंद्रवदनी

इनका कहना है

जहां तक गलत बिल या अधिक राशि के बिल का सवाल है, तो उसकी जांच कर आवश्यक सुधार किया जाता है। औसत खपत के आधार पर बिल जारी होने पर वास्तविक रीडिंग के आधार पर समायोजन किया जाता है।

- गगन देव कुमार, उप महाप्रबंधक, नगर संभाग केंद्रीय

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