
अमित मिश्रा, नईदुनिया ग्वालियर। देश के 243 साइबर योद्धा अब नीट यूजी-पीजी,आइआइटी जेईई मेंस सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं पर डिजिटल निगरानी रखेंगे। परीक्षाओं में होने वाली हैकिंग, सर्वर पर मालवेयर अटैक, पेपर लीक सहित तमाम धांधलियों को रोकने के लिए केंद्रीय स्तर पर यह कदम उठाया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन मेडिकल साइंस द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में साइबर कमांडो निगरानी करेंगे। मध्य प्रदेश के भी छह साइबर योद्धा इसमें शामिल हैं।
यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि अब अधिकांश परीक्षाएं ऑनलाइन ही होती हैं। इसलिए मालवेयर अटैक और हैकिंग के जरिये साइबर अपराधी सर्वर को टारगेट कर सकते हैं। इसलिए अब साइबर कमांडो को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख परीक्षाओं में साइबर कमांडों से निगरानी कराई जा रही है। आने वाले समय में राज्यों में होने वाली परीक्षाओं की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होगी।
देश में साइबर अपराध अब सबसे बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आइ4सी (इंडियन साइबर क्राइम को-आर्डिनेशन सेंटर) द्वारा पांच हजार साइबर कमांडो तैयार करने का निर्णय लिया गया। अलग-अलग राज्यों की पुलिस एवं जांच एजेंसियों से साइबर कमांडो के प्रशिक्षण के लिए जवानों का चयन किया गया। इन्हें आइआइटी जैसे संस्थानों में छह माह का प्रशिक्षण दिया गया।
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मध्य प्रदेश के भी छह पुलिसकर्मियों ने साइबर कमांडो की ट्रेनिंग आइआइटी कानपुर में ली। अब इन्हें सरकारी विभागों के सर्वर, बैंक के सर्वर, सेनाओं के सर्वर की सुरक्षा से लेकर अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। अब परीक्षाओं की डिजिटल निगरानी की जिम्मेदारी मिली है।
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की डिजिटल निगरानी अब साइबर कमांडो करेंगे। देश के कुल 243 साइबर कमांडो में मप्र के भी छह साइबर कमांडो शामिल हैं। अब राज्य की परीक्षाओं की डिजिटल निगरानी भी कराई जाएगी, जिससे किसी भी तरह की धांधली न हो सके।
-प्रणय नागवंशी, एसपी, राज्य साइबर पुलिस