नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वीरांगना लक्ष्मी बाई के बलिदान की 168 वीं वर्षगांठ पर उनकी समाधि के समक्ष दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेला 17-18 जून को आयोजित होगा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अमर शहीद सुखदेव के वंशज को क्रांतिवीर वंशज के रूप में सम्मानित करेंगे। 18 जून को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों को आमंत्रित किया गया है।
वीरांगना बलिदान मेला के संस्थापक व राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने शनिवार को विभिन्न राष्ट्रवादी व सामाजिक संगठनों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर में वीरांगनाओं की बलिदान भूमि पर यह 27वां अखंड आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि प्रमुख सम्मान समारोह 18 जून को शाम सात बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री बलिदानी भगत सिंह के साथी सुखदेव के वंशज को मेला की ओर से क्रांतिवीर परिजन सम्मान देंगे तथा सरहद के शहीदों के स्वजन को सम्मानित करेंगे।
भूमिपूजन 15 को
वीरांगना बलिदान मेला के लिए भूमिपूजन 15 जून को शाम छह बजे संतों के सानिध्य में किया जाएगा। शनिवार को आयोजित बैठक में प्रमुख रूप से शैलेंद्र बरुआ, जयप्रकाश राजौरिया, पप्पू वर्मा, अभय चौधरी, लालजी जादौन, डा. हरिमोहन पुरोहित, कनवर मंगलानी, राकेश खुरासिया, विपुल गुप्ता, अनिरुद्ध मुन्ना चौहान आदि उपस्थित थे।
कवि सम्मेलन में यह कवि करेंगे कविता पाठ
बलिदान मेला के सूत्रधार पूर्व मंत्री ने बताया कि 18 जून को शाम साज बजे से 200 पात्रों द्वारा अभिनीत महानाट्य 'खूब लड़ी मर्दानी' का मंचन होगा। सम्मान समारोह के पश्चात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश की विख्यात कवियत्री कविता तिवारी, जगदीश सोलंकी, लाफ्टर फैम प्रताप फौजदार, व्यंग्यकार प्रवीण शुक्ला, शंभु शिखर, गजेंद्र प्रियांशु, डा. कमलेश शर्मा, अभय सिंह निर्भीक, अखिलेश द्विवेदी काव्य पाठ करेंगे।
17 को शहीद ज्योति यात्रा, प्रदर्शनी व महाराणा प्रताप पर नाटिका का मंचन
17 जून को शाम 6.30 बजे झांसी दुर्ग से शहीद ज्योति यात्रा पड़ाव पहुंचेगी, जहां से भव्य शोभा यात्रा समाधि तक आएगी। स्वराज संस्थान की नारी क्रांतिकारी व नगर निगम द्वारा रानी के शस्त्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। बुधवार को राणा प्रताप जयंती के अवसर पर बलिदान मेला मंच से शाम सात बजे लघु नाटिका का प्रेरणादायी मंचन भी होगा।