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कलेक्टर के आदेश पर भी शिक्षा विभाग की कछुआ चाल, जांच अभी अधूरी

अभी तक हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल की बात करें तो केवल पीएमश्री और सीएम राइज दो ऐसे स्कूल सामने आए जिनकी जमीन पर कब्जा हुआ है। आगे जांच में पता चलेगा कि...और पढ़ें

By Ajay UpadhyayEdited By: anil tomar
Publish Date: Tue, 30 Jul 2024 11:20:00 AM (IST)Updated Date: Tue, 30 Jul 2024 11:20:00 AM (IST)
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कलेक्टर के आदेश पर भी शिक्षा विभाग की कछुआ चाल, जांच अभी अधूरी

HighLights

  1. शिक्षा विभाग 39 प्राइमरी और माध्यमिक शालाओं पर अतिक्रमण की सूची ही बना सका
  2. हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के कितने स्कूलों पर कब्जा है, अभी तक नहीं पता
  3. स्कूलों के खेल मैदान पर बाउंड्री नहीं थी उन्हीं पर सर्वाधिक कब्जा हुआ है

नईदुनिया प्रतिनिधि. ग्वालियर। जिले में सरकारी स्कूलों की जमीन पर हुए अतिक्रमण को लेकर शिक्षा विभाग अब भी आलस में डूबा है, क्योंकि कलेक्टर के निर्देश के एक सप्ताह गुजरने के बाद भी शिक्षा विभाग यह पता नहीं लगा सका कि जिले के कितने स्कूलों भवन व मैदान भू माफिया के कब्जे में है। हालांकि प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का डेटा प्रशासन को मिल चुका है पर हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के कितने स्कूलों पर कब्जा है इसकी जानकारी जिले के शिक्षा अधिकारी नहीं लगा सके।

इससे साफ है कि वह नौनिहालों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कितने सजग हैं। अब तक 39 स्कूलों पर भू माफिया ने कब्जा होने का पता चला है लेकिन यह संख्या बढकर 50 तक पहुंच सकती है। जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों पर अतिक्रमण की जानकारी जुटाई जा रही है।


अभी तक हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल की बात करें तो केवल पीएमश्री और सीएम राइज दो ऐसे स्कूल सामने आए जिनकी जमीन पर कब्जा हुआ है। आगे जांच में पता चलेगा कि जिले में ऐसे कितने स्कूल हैं जिन पर हुए अतिक्रमण की जानकारी खुद शिक्षा विभाग को नहीं है। जिन स्कूलों के खेल मैदान पर बाउंड्री नहीं थी उन्हीं पर सर्वाधिक कब्जा हुआ है। शंकरपुर पीएमश्री स्कूल के पास जो मैदान था उस पर विभाग ने बाउंड्री नहीं कराई।

जिसके चलते स्थानीय लोगों ने स्कूल के बीच से रास्ता बना लिया और खेल मैदान पर घर। इसी तरह से डीडी नगर के सीएम राइज स्कूल की जमीन पर भी लोगों ने घर बनाए। यही हाल हर उस स्कूल के खेल मैदानों की रही जहां पर विभाग ने बाउंड्री बाल कराने में उदासीनता बरती है।

खाली छोड़ दिए भवन फिर ध्यान ही नहीं दिया

प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के जो भवन कंडम घोषित हुए उनमें कक्षाएं लगना बंद करा दी गई। जिसके चलते वह भवन खाली पड़े रहे और विभाग ने इन खाली पड़े स्कूल के भवन पर ध्यान ही नहीं दिया। इधर स्कूल भवन के आसपास रहने वालों ने खाली पड़े भवन को अपने उपयोग में लेना शुरू कर दिया और उस पर अतिक्रमण कर लिया। यह हालात शहर से लेकर ग्रामीण तक रहे। यदि शिक्षा विभाग समय पर इन भवन का संधारण कार्य कराता तो उनमें कक्षाएं लगती और अतिक्रमण के शिकार यह भवन न बनते और सामुदायिक केंद्रों में स्कूल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

जिले में 1480 स्कूल, अतिक्रमण की जांच जारी

जिले में सरकारी स्कूलों की संख्या 1480 है। जिसमें प्राइमरी के 884 स्कूल शामिल हैं। प्राइमरी और मिडिल स्कूल पर ही सर्वाधिक अतिक्रमण हुआ है। हालांकि पीएमश्री शंकरपुर और सीएम राइज माडल स्कूल डीडी नगर की जमीन पर भी भू माफियाओं ने कब्जा किया है। इसलिए हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है कि किन किन स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण हुआ है।

प्राइमरी और मिडिल स्कूलों पर ही अतिक्रमण हुआ है जिसकी सूची डीपीसी द्वारा तैयार कर ली गई है। पर देखने में आया है कि हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूलों की जमीन पर भी अतिक्रमण हुआ है। इसकी जानकारी भी जुटा रहे हैं। जिन स्कूलों की भूमि पर अतिक्रमण हुआ है उनकी संख्या बढ़ सकती है।

अजय कटियार, जिला शिक्षा अधिकारी।