ग्वालियर: कोर्ट केसों के फेर में उलझा अटल कुंज टावर प्रोजेक्ट, टेंडर अनियमितताओं को लेकर कोर्ट में विचाराधीन मामला
अटल कुंज टावर ए में टेंडर प्रक्रिया की खामियों और गड़बड़ियों के चलते वर्तमान में केस हाईकोर्ट में चल रहा है।
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 12:39:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 12:39:38 PM (IST)
कोर्ट केसों के चक्कर में फंसा अटल कुंज प्रोजेक्ट, फाइल फोटोHighLights
- कोर्ट केसों में उलझा अटल कुंज टावर
- गड़बड़ी के चलते कोर्ट में विचाराधीन
- 21 सितंबर को होगी मामले की सुनवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दीनदयाल नगर में बहुमंजिला इमारत में व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों के लिए तैयार किए जाने वाले अटल कुंज टावर का प्रोजेक्ट अब कोर्ट केसों और सरकारी अनुमतियों के बीच उलझकर रह गया है। अटल कुंज टावर ए में टेंडर प्रक्रिया की खामियों और गड़बड़ियों के चलते वर्तमान में केस हाईकोर्ट में चल रहा है।
इसके चलते अटल कुंज टावर का पहला चरण शुरू ही नहीं हो पाया है। इसके लिए हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने वर्ष 2023 में ही हितग्राहियों से लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की राशि बुकिंग के तौर पर ले ली थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने के निर्णय पर ठेकेदार द्वारा लिए गए स्टे के कारण अब ये प्रोजेक्ट अटका हुआ है।
रेरा ने किया आवेदन अस्वीकार
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने ये कोर्ट केस निपटने तक दूसरे चरण का निर्माण शुरू कराने का निर्णय लिया, लेकिन यहां संपत्तियों की बुकिंग करने के लिए रेरा का पंजीयन जरूरी है। बोर्ड ने इसके लिए आवेदन भी किया था, लेकिन रेरा ने इस आवेदन को अस्वीकार कर दिया है।
इसकी भी अभी अपील पर सुनवाई चल रही है। इसका कारण है कि कोरोना के समय हाउसिंग बोर्ड ने जिन प्रोजेक्टों को लेकर रेरा से नियमों में छूट ली थी, उनका पालन प्रतिवेदन उपलब्ध न कराने के कारण नए प्रोजेक्टों की अनुमति रोकी गई है। इसके खिलाफ बोर्ड ने अपील कर रखी है, जिस पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है।
अनुमति के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
रेरा की अनुमति मिलने के बाद ही हाउसिंग बोर्ड द्वारा बुकिंग कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। ऐसे में बुकिंग कर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए बोर्ड के पास राशि ही उपलब्ध नहीं है। इसके चलते ये प्रोजेक्ट भी अटका हुआ है। हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक रेरा की अनुमति मिलते ही बुकिंग शुरू कर निर्माण कराया जाएगा।
20 माह से कोर्ट में चल रहा केस
अटल कुंज टावर का प्रोजेक्ट कागजों में ही लगभग एक दशक पहले से चल रहा है। इसके लिए एयरफोर्स स्टेशन की अनुमति ली गई, क्योंकि यहां सात मंजिला टावर तैयार होने हैं। इसके बाद विभिन्न विभागों से अनुमति लेने के बाद जब टेंडर प्रक्रिया की गई, तो पहले जीएसटी की विसंगति के कारण इसे रद करना पड़ा।
21 सितंबर को अगली सुनवाई
दोबारा की गई टेंडर प्रक्रिया में एल-1 के रूप में मैसर्स प्रेग्मेटिक कंस्ट्रक्शन को ठेका मिला था, लेकिन नियमों की विसंगति के कारण बोर्ड के मुख्यालय ने फिर टेंडर प्रक्रिया रद की। इसके खिलाफ ठेकेदार कंपनी हाइकोर्ट चली गई और वहां से स्टे मिल गया। जनवरी 2025 से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अगली सुनवाई 21 सितंबर को होनी है।