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ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में मरीजों को करानी पड़ रही फॉर्म की फोटो कॉपी, जेब से लग रहे पैसे

ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में स्टेशनरी की कमी से मरीजों के स्वजन भर्ती फार्म की फोटो कॉपी कराने को मजबूर हैं। अधीक्षक ने मामले की जांच कर व्यवस्था सुध...और पढ़ें

By Anoop BhargavEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 10:28:53 AM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 10:28:53 AM (IST)
ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में मरीजों को करानी पड़ रही फॉर्म की फोटो कॉपी, जेब से लग रहे पैसे
ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में मरीजों को परेशानी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भर्ती फार्म की फोटो कॉपी मरीजों से कराई जा रही।
  2. स्टेशनरी की कमी से मरीजों के स्वजन परेशान हैं।
  3. प्रत्येक भर्ती पर 20 से 40 रुपये अतिरिक्त खर्च।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल के सबसे बड़े जयाआरोग्य अस्पताल समूह के हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया के दौरान मरीजों के परिजन को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्टेशनरी की कमी के कारण सर्जरी विभाग में भर्ती होने वाले मरीजों के स्वजन से एक फार्म की दो से तीन फोटो कांपी कराकर लाने के लिए कहा जा रहा है। इसके लिए उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर जाकर 20 से 40 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

अस्पताल में भर्ती के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ अब फोटो कांपी कराने की व्यवस्था भी मरीजों के स्वजन के जिम्मे छोड़ दी गई है।

फार्म की दो से तीन कॉपी लानी पड़ती हैं- परिजन

मरीज के परिजन पंकज ने बताया कि सर्जरी विभाग में भर्ती के दौरान एक निर्धारित फार्म दिया जाता है और उसकी दो से तीन प्रतियां कराकर लाने के लिए कहते हैं। अधिकांश लोग मजबूरी में अस्पताल परिसर के आसपास की दुकानों से फोटो कॉपी कराकर लाते हैं। यह प्रक्रिया लगभग हर भर्ती मरीज के साथ अपनाई जा रही है।


छोटा खर्च, लेकिन बड़ा सवाल

प्रत्येक मरीज पर 20 से 40 रुपये का खर्च भले ही अधिक न लगे, लेकिन रोजाना बड़ी संख्या में भर्ती होने वाले मरीजों को देखते हुए यह सवाल खड़ा होता है कि यदि अस्पताल में आवश्यक स्टेशनरी और फार्म उपलब्ध नहीं हैं तो इसका खामियाजा मरीजों को क्यों भुगतना पड़े।

इलाज से पहले बढ़ रही परेशानी

दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीज और उनके स्वजन पहले ही जांच, दवाइयों और अन्य औपचारिकताओं में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में केवल फोटो कांपी कराने के लिए अस्पताल से बाहर जाना और अतिरिक्त खर्च करना उनके लिए असुविधा का कारण बन रहा है। कई बार गंभीर मरीज को छोड़कर स्वजन को बाहर जाना पड़ता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में भी देरी होती है।

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इनका कहना है

इस तरह के मामले की जानकारी आपसे मिल रही है। अगर ऐसा है तो विभागाध्यक्ष से जनकारी ली जाएगी और इस व्यवस्था को बंद कराया जाएगा। डॉ. सुधीर सक्सेना, अधीक्षक, जेएएच