
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कलेक्ट्रेट मार्ग पर सड़क हादसे में घायल हुए जीआरएमसी के एमबीबीएस छात्र श्रेष्ठ गुप्ता की मौत के बाद अब नगर निगम और प्रशासनिक अमला पूरे मामले की पड़ताल में जुट गया है। बुधवार को नगर निगम की टीम कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पहुंची और सड़क की स्थिति, स्पीड ब्रेकर तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान जिला न्यायालय के न्यायाधीश प्रवेश गेट के सामने सड़क किनारे खून के निशान मिले, लेकिन आसपास कोई स्पष्ट स्पीड ब्रेकर नहीं मिला। वहीं पास स्थित होटल लाफ्ट इन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, जिनमें हादसे का दृश्य नजर नहीं आया।
जिला न्यायालय के प्रवेश गेट के सामने स्थित होटल लाफ्ट इन से रात दो बजे के बाद के सीसीटीवी फुटेज निकाले गए। फुटेज में सड़क पर अंधेरा नजर नहीं आया, क्योंकि स्ट्रीट लाइटें जल रही थीं। हालांकि हादसे का दृश्य कैमरे में कैद नहीं हुआ। फुटेज में केवल दो कारें गुजरती दिखाई दीं। बताया गया है कि छात्र के साथी भी घटना के बाद मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने होटल से करीब 2:10 बजे के फुटेज लिए थे।
मृतक श्रेष्ठ गुप्ता बिहार का रहने वाला था और गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र था। वह ग्वालियर में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात वह सिरोल क्षेत्र से बाइक पर लौट रहा था, तभी कलेक्ट्रेट के सामने उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई थी।
घटना के दौरान वहां से गुजर रहे निजी अस्पताल के ओटी टेक्नीशियन मनीष गोस्वामी ने घायल छात्र को सड़क पर देखा। उन्होंने तुरंत अपनी कार में बैठाकर उसे अस्पताल पहुंचाया। बाद में साथी छात्र भी पहुंचे और उसे जयारोग्य अस्पताल ले जाया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. आदित्य श्रीवास्तव के अनुसार छात्र को शनिवार रात करीब 3:20 बजे गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
जांच में सामने आया है कि श्रेष्ठ की बाइक हाई हार्स पावर वाली लग्जरी श्रेणी की थी। बाइक के इंजन पर रगड़ के निशान मिले हैं, जबकि पैर रखने वाला स्टॉपर भी क्षतिग्रस्त पाया गया। अब नगर निगम और पुलिस घटनास्थल की तकनीकी जांच कर हादसे की वास्तविक वजह तलाशने में जुटी है।