
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बाहर से आकर शहर में लूट कर रहे बदमाश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। 12 दिन के भीतर तीन वारदात कर चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक बदमाश नहीं बल्कि सिर्फ इनके भागने का रूट ही पता कर सकती है। दो वारदातों में तो एक ही गैंग है, तीसरी वारदात करने वाले बदमाशों का तरीका भी इनसे मिलता-जुलता है।
बाहर से आकर अपराधी वारदात कर रहे हैं, लेकिन इनकी घेराबंदी पुलिस अब तक नहीं कर पाई है। वारदात करने के बाद यह सीधे हाईवे का रास्ता पकड़ते हैं। यह तीनों घटनाओं से स्पष्ट हो चुका है, फिर भी इनकी घेराबंदी का ठोस प्लान नहीं बना है ताकि शहर के मुहानों के रास्तों को लाक किया जा सके।
26 अप्रैल को आधी रात काले रंग की बाइक पर सवार बदमाशों ने 17 मिनट के भीतर लूट की दो वारदात की थीं। तीन किलोमीटर के दायरे में दो शादियों में लूट की थी। दोनों घटनाओं के तुरंत बाद पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन इनकी घेराबंदी पुलिस नहीं कर सकी। पहली वारदात बहोड़ापुर इलाके में राजवाड़ा पैलेस के बाहर बुजुर्ग से हुई थी।
बरात से आगे चल रहे दूल्हे के चाचा से बदमाश बैग लूट ले गए थे। इसमें करीब 95 हजार रुपये रखे थे। इसके बाद दूसरी वारदात में पटेल बरात घर के बाहर दूल्हे के पिता जोगेंद्र सिंह तोमर से बैग लूट लिया था। बैग में 50 हजार रुपये, बेंदा था। दोनों वारदात एक ही गैंग ने की थी। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज हैं, लेकिन बदमाश गिरफ्त से दूर हैं।
महाराजपुरा इलाके में बाइक सवार दुर्गा श्रीवास का ढाई तोला वजनी सोने का हार लूट ले गया। यह वारदात काले रंग की बाइक पर सवार लुटेरों ने ही की। दुर्गा अपने भाई के साथ मुरैना जा रही थी। इस दौरान यह घटना हुई। इस मामले में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन अब तक जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस सिर्फ सीसीटीवी कैमरों के फुटेज लेकर बदमाशों को ढूंढने का दावा कर रही है।
लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। बाहर की गैंग आकर घटनाएं कर रही है। ऐसे में शहर के मुहानों पर चेकिंग जरूरी है। जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निर्देश देते हैं, तभी चेकिंग होती है।
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