ग्वालियर रेलवे स्टेशन को मिलेगा एयरपोर्ट जैसा लुक, सुरक्षा के लिए आरपीएफ ने 6 बड़े शहरों के अपराधियों का डेटा मंगाया
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन के साथ ही दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे महानगरों से रेलवे में सक्रिय अपराधियों का डेटा मंगाया गया है। इसे आरपीएफ सिक्यो ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 04 Mar 2026 06:45:46 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Mar 2026 06:52:26 PM (IST)
ग्वालियर रेलवे स्टेशन।HighLights
- एफआरएस के लिए महानगरों से मंगाया आदतन अपराधियों का डेटा, सिस्टम में होगा अपलोड
- आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित सीसीटीवी सिस्टम से होगी अपराधियों की पहचान
- ये कैमरे अपने मौजूद डेटाबेस के आधार पर अपराधियों का चेहरा पहचानकर तुरंत अलर्ट देंगे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर रेलवे स्टेशन अब देश के कई आधुनिकतम स्टेशनों में शुमार होने जा रहा है। स्टेशन को सिर्फ एयरपोर्ट जैसा लुक ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं भी यात्रियों को मिल सकेंगी। इसके अलावा स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक किया जा रहा है। यही कारण है कि रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अपराधियों से संबंधित ऑनलाइन डेटाबेस बनाना शुरू किया है। इसके लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन के साथ ही दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे महानगरों से रेलवे में सक्रिय अपराधियों का डेटा मंगाया गया है। इसे आरपीएफ सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम (आरएसएमएस) में अपलोड किया जाएगा।
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- स्टेशन पुनर्विकास का कार्य पूरा होने के बाद आरपीएफ द्वारा आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- तो वे डेटाबेस के आधार पर अपराधियों का चेहरा पहचानकर तुरंत अलर्ट देंगे।
- अभी आरपीएफ सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम (आरएसएमएस) में इस डेटाबेस को अपलोड करने की प्रक्रिया की जा रही है।
- इस सिस्टम में प्रतिदिन की शिकायतों और कार्रवाई का विवरण ऑनलाइन संधारित किया जाता।
- ये सिस्टम एप आधारित है, जिसपर डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।
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- इसके अलावा एआई आधारित कैमरे भी स्टेशन परिसर में लगाए जाएंगे। ये फेस रिकग्निशन तकनीक पर आधारित होंगे, जिनके सर्वर में अपराधियों की जानकारी भी समाहित होगी।
- यदि स्टेशन पर कोई भी अपराधी इन कैमरों की जद में आता है, तो कंट्रोल रूम में अपने आप ही हूटर बजने लगेगा।
- ऐसे में फुटेज के आधार पर अपराधियों की लाइव निगरानी भी हो सकेगी। इन कैमरों में ऐसी तकनीक भी उपयोग की जाएगी कि वह संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कपड़ों के आधार पर भी कर सकेगा।
- यदि कोई अपराधी ट्रेन में चोरी करता है और ट्रेन से निकलते हुए डिब्बों में लगे कैमरों में उसके कपड़े नजर आ जाते हैं।
- उसी फुटेज को आरपीएफ के कैमरों की फुटेज देखकर कपड़ों के आधार पर भी आटोमेटिक पहचाना जा सकेगा।
पुनर्विकास का काम पूरा होने के बाद होगा सर्वे
- रेलवे स्टेशन पुनर्विकास का कार्य पूरा होने के बाद आरपीएफ द्वारा विशेषज्ञों से सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे में ये देखा जाएगा कि किस लोकेशन पर एआई कैमरा लगाने से ज्यादा कवरेज मिलेगा।
- लाइटिंग के हिसाब से किस स्थान पर कैमरा लगाने से फोकस और फुटेज अच्छी आएगी।
- इसके अलावा कितनी संख्या में कैमरे लगाने से सभी प्लेटफार्म के अलावा कानकोर्स, प्रवेश-निकास, वीआइपी एंट्री और सर्कुलेटिंग एरिया के चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा सकेगी।
- हालांकि अभी आरपीएफ ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एआई आधारित कैमरे लगाने को सैद्धांतिक स्वीकृति तो दे दी है, लेकिन अंतिम वित्तीय स्वीकृति कैमरों की संख्या के आधार पर मिलेगी।
रेलवे स्टेशन पर एआई आधारित कैमरे लगाना प्रस्तावित है। स्टेशन पुनर्विकास का काम पूरा होने के बाद कैमरे लगाए जाएंगे। फिलहाल हमारे पास अपराधियों का डेटाबेस आ रहा है, जिसे आरएसएमएस में अपलोड किया जा रहा है।
मनोज शर्मा, थाना प्रभारी, आरपीएफ।