
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर सहित पूरे देश के करदाताओं और व्यापारियों के लिए आयकर विभाग से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कुछ खास वर्ग के टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। हालांकि, यह राहत सभी श्रेणी के करदाताओं के लिए नहीं है।
अंचल के ऐसे कारोबारी और पेशेवर जिन्हें अपने खातों का टैक्स ऑडिट कराना अनिवार्य नहीं है, अब वे अपना रिटर्न 31 अगस्त तक दाखिल कर सकेंगे। वहीं, नौकरीपेशा लोगों के लिए समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आइये आपको विस्तार से समझाते हैं कि इसका क्या मतलब है।
सीए आशीष पारेख के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत बिजनेस या प्रोफेशन से आय प्राप्त करने वाले ऐसे करदाता, जिनके खातों का ऑडिट नहीं होता है, वे 31 अगस्त तक अपना रिटर्न जमा कर सकते हैं।
मुख्य रूप से आईटीआर-3 और आईटीआर-4 (सुगम) फाइल करने वाले छोटे व्यापारी, उद्यमी, डॉक्टर, वकील और अन्य फ्रीलांसर्स इसमें शामिल हैं। इसके अलावा अंचल के कुछ धार्मिक और सामाजिक ट्रस्टों को भी इस बढ़ी हुई समय-सीमा का सीधा लाभ मिलेगा।
ग्वालियर के शासकीय और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए नियम नहीं बदले हैं। जो टैक्सपेयर्स आईटीआर 1 (सहज) या आईटीआर 2 भरते हैं, उनके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई गुजर चुकी है। यदि वे आज रात 12 बजे तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो उन्हें एक अगस्त से पेनल्टी (विलंब शुल्क) और ब्याज के साथ बिलेटेड रिटर्न दाखिल करना पड़ेगा।
सीबीडीटी के अनुसार, नॉन-ऑडिट बिजनेस मामलों और ट्रस्ट्स को अपनी वित्तीय किताबें, दस्तावेज और खातों का मिलान पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी। सीए एसोसिएशन और व्यापारिक संगठनों ने भी इसके लिए समय बढ़ाने की मांग की थी। इस फैसले से अंतिम समय की तकनीकी गड़बड़ियों और हड़बड़ी से राहत मिलेगी।
यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission पर सरकार का बड़ा अपडेट, जानिए कब लागू होगी बढ़ी हुई सैलरी और कितना बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर!
कर विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई करदाता अपनी तय सीमा (31 जुलाई या 31 अगस्त) के बाद रिटर्न भरता है, तो धारा 234एफ के तहत 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी।
साथ ही कर देनदारी पर ब्याज भी देना होगा और पुराने घाटों को कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी हाथ से निकल सकता है। इसलिए अपनी श्रेणी के अनुसार समय रहते रिटर्न दाखिल करना ही समझदारी है।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की डेडलाइन आज, 31 जुलाई को खत्म हो रही है, टैक्सपेयर्स के पास प्रोसेस पूरा करने के लिए रात 11:59 बजे तक का ही समय है। आखिरी समय में फाइल करने वालों की मदद के लिए, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने में ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉग इन करना, सही असेसमेंट ईयर और ITR फॉर्म चुनना, सभी डिटेल्स को वैलिडेट करना और ज़रूरी ई-वेरिफिकेशन पूरा करना शामिल है।
यह डेडलाइन ITR-1 (सहज) और ITR-2 फाइल करने वाले लोगों के साथ-साथ ITR-5 और ITR-7 फाइल करने वाले नॉन-ऑडिट, नॉन-बिज़नेस टैक्सपेयर्स पर भी लागू है। लाखों टैक्सपेयर्स के कट-ऑफ से पहले अपना रिटर्न फाइल करने की उम्मीद है, इसलिए दिन में ई-फाइलिंग पोर्टल पर बहुत ज़्यादा ट्रैफिक हो सकता है, इसलिए आखिरी घंटों तक इंतज़ार करने से बचना सही रहेगा।