
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर व आसपास के क्षेत्र में मौसम ने मंगलवार को दिन में बार-बार अपना रंग बदला। तेज धूप के साथ गर्मी भी हुई और तेज हवा के साथ वर्षा से वातावरण ठंडा भी हुआ, इसके बाद शाम को फिर धूप निकली और उमस भरी गर्मी हुई। ऐसे में एक ही दिन में शहर के लोगों ने गर्म व ठंडक, दोनों का एहसास किया। आज अधिकतम तापमान 39.5 डिसे पर पहुंच गया। साथ ही रात का तापमान 26.1 डिसे पर रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में तीन चक्रवातीय सिस्टम बने हुए हैं और दो ट्रफ गुजर रही हैं। एक ट्रफ प्रदेश के ऊपर से जा रही है। ऐसे में आगामी चार दिन तक अंचल में तेज हवा के साथ गरज-चमक के साथ वर्षा होने की पूरी संभावना है। हालांकि तापमान 37 डिसे से 40 डिसे के बीच ही रहेगा।
सुबह से तेज धूप निकली और दोपहर डेढ़ बजे तक गर्मी रही। लेकिन इसके बाद तेज हवा चलना शुरू हुआ और इसके साथ वर्षा भी हुई। हालांकि वर्षा शहर के कुछ हिस्सों में तेज हुई और कुछ हिस्सों में हल्की व बूंदाबांदी हुई, इससे कुछ देर के लिए मौसम ठंडा हो गया। लेकिन साढ़े तीन बजे के बाद धूप निकल आई। हालांकि धूप तीखी नहीं थी, लेकिन इसकी वजह से वर्षा से आई वातावरण में नमी ने उमस अधिक पैदा कर दी। जिससे लोगों को परेशानी हुई।
मौसम विभाग ने नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा तेज हवाएं चल सकती हैं और इसका असर आस-पास के जिलों में भी दिखाई दे सकता है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग और महाकौशल क्षेत्र के कुछ जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक देश में बन रहे विभिन्न सिस्टमों की वजह से अंचल में आगामी चार दिन तक कहीं-कहीं पर तेज हवा चल सकती है और तेज के साथ मध्यम वर्षा भी हो सकती है। हालांकि तापमान में अधिक गिरावट होने की उम्मीद कम है। वर्तमान में अरब सागर व राजस्थान की ओर से आने वाली हवा नमी लेकर आ रही है। जिससे वर्षा हो रही है और आगामी दिनों में हो सकती है।
मानसून भी तेज गति से चल रहा है। हालांकि अंचल में 25 जून तक मानसून आता है। लेकिन जिस गति से मानसून आगे बढ़ रहा है, उससे 20 जून के बाद कभी भी यह अंचल में दस्तक दे सकता है।
अंचल में प्री-मानसून की गतिविधियां होने से पानी बरस रहा है। ऐसे में किसानों ने खरीफ की फसल के लिए खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है। इससे उम्मीद है कि सही समय पर फसलों की बुवाई हो जाएगी। हालांकि जिन किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग बोई थी, उनकी फसल में इस वर्षा से नुकसान हो सकता है।
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