ग्वालियर में बाहरी बदमाशों का आतंक, 12 दिन में तीन लूट की वारदातें
बदमाश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। 12 दिन के भीतर तीन वारदात कर चुके हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 08 May 2026 10:23:26 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2026 10:23:26 PM (IST)
ग्वालियर में बाहरी बदमाशों का आतंकHighLights
- 12 दिन में बाहरी बदमाशों ने कीं तीन लूट वारदात
- दो घटनाओं में एक ही गैंग होने की आशंका
- वारदात के बाद हाईवे रूट से भाग रहे बदमाश
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बाहर से आकर शहर में लूट कर रहे बदमाश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। 12 दिन के भीतर तीन वारदात कर चुके हैं। लेकिन पुलिस अब तक बदमाश नहीं बल्कि सिर्फ इनके भागने का रूट ही पता कर सकती है। दो वारदातों में तो एक ही गैंग है, तीसरी वारदात करने वाले बदमाशों का तरीका भी इनसे मिलता-जुलता है।
घेराबंदी पुलिस अब तक नहीं कर पाई
बाहर से आकर अपराधी वारदात कर रहे हैं, लेकिन इनकी घेराबंदी पुलिस अब तक नहीं कर पाई है। वारदात करने के बाद यह सीधे हाईवे का रास्ता पकड़ते हैं। यह तीनों घटनाओं से स्पष्ट हो चुका है, फिर भी इनकी घेराबंदी का ठोस प्लान नहीं बना है, जिससे शहर के मुहानों के रास्तों को लॉक किया जा सके।
17 मिनट में एक ही गैंग ने 3 किमी के दायरे में की थीं दो लूट
26 अप्रैल को आधी रात काले रंग की बाइक पर सवार बदमाशों ने 17 मिनट के भीतर लूट की दो वारदात की थीं। तीन किलोमीटर के दायरे में दो शादियों में लूट की थी। दोनों घटनाओं के तुरंत बाद पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन इनकी घेराबंदी पुलिस नहीं कर सकी।
पहली वारदात बहोड़ापुर इलाके में राजवाड़ा पैलेस के बाहर बुजुर्ग से हुई थी। बारात से आगे चल रहे दूल्हे के चाचा से बदमाश बैग लूट ले गए थे। इसमें करीब 95 हजार रुपये रखे थे। इसके बाद पटेल बारात घर के बाहर दूल्हे के पिता जोगेंद्र सिंह तोमर से बैग लूट लिया था। बैग में 50 हजार रुपये और बेंदा था। दोनों वारदात एक ही गैंग ने की थी।
बाइक सवार महिला को लूटा, इसमें भी काली बाइक
महाराजपुरा इलाके में बाइक सवार दुर्गा श्रीवास का ढाई तोला वजनी सोने का हार लुट गया। यह वारदात काले रंग की बाइक पर सवार लुटेरों ने ही की। दुर्गा अपने भाई के साथ मुरैना जा रही थी। इस दौरान यह घटना हुई।
मुहानों पर चेकिंग जरूरी
लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। बाहर की गैंग आकर घटनाएं कर रही है। ऐसे में शहर के मुहानों पर चेकिंग जरूरी है। जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निर्देश देते हैं, तभी चेकिंग होती है।
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