43.7° की गर्मी में परेशान रहे मरीज, ग्वालियर अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में 30 घंटे पानी सप्लाई ठप, टॉयलेट जाने को तरसे
वार्डों में पीने के पानी की सप्लाई बंद होने के कारण मरीजों के तीमारदार गर्मी में पानी के लिए ऊपर से नीचे की मंजिलों तक दौड़ लगाते दिखे। सी-ब्लाक में स ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 19 May 2026 09:09:25 AM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 09:22:27 AM (IST)
हजार बिस्तर अस्पताल। सोशल मीडियाHighLights
- हजार बिस्तर अस्पताल में मचा हाहाकार
- सातवीं मंजिल पर पाइप लाइन टूटने से मची कचर-कचर
- बूंद-बूंद पानी के लिए दौड़े तीमारदार
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सोमवार को भीषण गर्मी के टॉर्चर 43.7 डिग्री सेल्सियस में हजार बिस्तर अस्पताल में पानी सप्लाई की व्यवस्था चरमरा गईं। अस्पताल की सातवीं मंजिल स्थित छत पर पाइप लाइन टूट जाने के कारण रविवार से लेकर सोमवार की शाम तक पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रही। लगभग 30 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल के वार्डों और टॉयलेट की टंकियां सूखी रहीं, जिसके कारण भर्ती मरीजों और उनके स्वजन को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। सी-ब्लाक में स्थिति ज्यादा खराब रही।
सबसे ज्यादा असर बुनियादी जरूरतों पर पड़ा
पाइप लाइन टूटने का सबसे बुरा असर अस्पताल की स्वच्छता और मरीजों की बुनियादी जरूरतों पर पड़ा। टंकियों में पानी न चढ़ने के कारण टायलेट पूरी तरह सूखे पड़े रहे। स्थिति इतनी बदतर हो गई कि मरीजों को शौच आदि के लिए या तो अस्पताल परिसर से बाहर जाना पड़ा या फिर उनके स्वजन को बाहर से बोतलों में पानी भरकर लाना पड़ा।
वार्डों में पीने के पानी की सप्लाई बंद होने के कारण मरीजों के तीमारदार गर्मी में पानी के लिए ऊपर से नीचे की मंजिलों तक दौड़ लगाते दिखे। अस्पताल के एक वाटर कूलर पर पानी के लिए लंबी लाइनें लग गईं, जिससे स्वजन में आक्रोश देखा गया।
वर्कशाप प्रभारी की टीम ने सुधारी लाइन
पाइप लाइन टूटने की आधिकारिक सूचना मिलते ही वर्कशाप प्रभारी अतर सिंह ने टीम को मौके पर पहुंचाया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद सोमवार शाम को टूटी पाइप लाइन को दुरुस्त किया, जिसके बाद टंकियों में पानी भरना शुरू हुआ और सप्लाई बहाल की जा सकी। तब कहीं जाकर मरीजों और स्टाफ ने राहत की सांस ली।
इन्होंने दी सफाई...
पाइप लाइन टूटने के कारण दिक्कत आई थी। उसे दुरुस्त करा दिया गया है। अब टंकियों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है और वार्डों में भी सप्लाई शुरू हो गई है। -डा. माखन माहौर, सहायक अधीक्षक, जेएएच।