
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर 21.05 करोड़ रुपये की ठगी करने वाला गिरोह विदेश से संचालित हो रहा है। राज्य साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए पहली बार 12 लेयर का इस्तेमाल किया गया। इन 12 लेयर में अब तक 19,332 बैंक खाते चिन्हित किए गए हैं, जिनमें राशि 15 राज्यों के खातों में ट्रांसफर हुई।
राज्य साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की मदद से 1.82 करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। हालांकि शेष रकम एक खाते से दूसरे और फिर कई अन्य खातों में ट्रांसफर होने के बाद निकाल ली गई। जांच में यह भी सामने आया है कि यूएसडीटी के जरिए रकम विदेश भेज दी गई।
जांच को आगे बढ़ाया जाएगा
अब साइबर सेल पहली से तीसरी लेयर तक के करीब 800 बैंक खातों की जांच कर रही है। इन खातों के धारकों की जानकारी के लिए संबंधित बैंकों को ईमेल भेजे गए हैं। जानकारी मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
15 राज्यों के खातों में पहुंची रकम
जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत 15 राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
चाइनीज एप से की गई वर्चुअल कॉल
साइबर सेल के अनुसार ठगों ने चाइनीज एप के जरिए वर्चुअल कॉल की थी। कॉल के दौरान स्क्रीन पर न्यूयॉर्क का कोड दिखाई देता था, जिससे पीड़ित को भरोसा हो सके।
सीए ने खुद किए थे 106 ट्रांजेक्शन
जांच में पता चला कि चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने खुद 76 बैंक खातों में 106 ट्रांजेक्शन किए थे। एफआईआर में 25 खातों का उल्लेख था, लेकिन बैंक स्टेटमेंट की जांच में 76 खातों का खुलासा हुआ। इसके बाद यही रकम 12 लेयर में घूमते हुए 19 हजार से अधिक खातों तक पहुंच गई।
ऐसे दिया गया था झांसा
पीड़ित को दिव्या सिंह नाम की महिला ने व्हाट्सएप कॉल कर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का सुझाव दिया। यूएसडीटी के माध्यम से निवेश कराने के लिए एक लिंक भेजा गया, जिसमें ऑनलाइन मुनाफा भी दिखाई देता था। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो इनकम टैक्स और रिस्क मार्जिन मनी के नाम पर और पैसे मांगे गए। इसके बाद परिचितों से चर्चा करने पर ठगी का खुलासा हुआ।
रिश्तेदारों और बेटे से लेकर किया निवेश
जांच में सामने आया कि अशोक विजयवर्गीय ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर निवेश किया था। करीब एक करोड़ रुपये उनके बेटे ने भी दिए थे। बेहतर रिटर्न की उम्मीद में यह राशि निवेश की गई, लेकिन पूरी रकम ठगी का शिकार हो गई।
खाताधारकों की पहचान की जा रही है
15 राज्यों के 19 हजार से अधिक खातों तक रकम पहुंच चुकी है। चाइनीज एप के जरिए वर्चुअल कॉल कर ठगी की गई। 1.82 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए हैं। यदि समय पर शिकायत मिलती तो अधिक रकम बचाई जा सकती थी। फिलहाल खाताधारकों की पहचान की जा रही है।
- मुकेश नारोलिया, इंस्पेक्टर (विवेचक)
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