'भैया सो रहे हैं...' कहकर रोने लगी थी भाभी; ग्वालियर दंपती मौत मामले में भाई के बयान से खुला खौफनाक राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है- परिस्थिति जन्य साक्ष्य और बयानों से लग रहा है कि पहले विनोद प्रजापति ने फांसी लगाई थी। फिर लक्ष्मी ने उसी रस्सी से फंदा ब...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 12:15:43 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 12:22:56 PM (IST)
नवदंपती विनोद और लक्ष्मी प्रजापति के फाइल फोटो।HighLights
- पहले पति ने लगाई फांसी, फिर पत्नी ने उसी रस्सी को चुना
- बिखरी चूड़ियां और मोबाइल खोलेंगे मौत का राज
- शादी की खुशियों के बीच उपजा था विवाद
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। हस्तिनापुर गांव में तीन दिन पहले दंपती की मौत के मामले में पुलिस ने विनोद प्रजापति के छोटे भाई के बयान दर्ज किए हैं। उसी ने सबसे पहले दरवाजा खटखटाया था। जब उससे पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि सुबह उसने दरवाजा खटखटाया था। अंदर से उसकी भाभी लक्ष्मी प्रजापति ने कहा था-भैया सो रहे हैं। थोड़ी देर बाद दरवाजा खोलेंगी।
फिर लक्ष्मी के रोने की आवाज भी सुनी थी। फिर कोई आहट नहीं हुई तो सुबह करीब 8.30 बजे उसने दोबारा दरवाजा खटखटाया। तब दोनों के शव फंदे पर लटके मिले थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है- परिस्थिति जन्य साक्ष्य और बयानों से लग रहा है कि पहले विनोद प्रजापति ने फांसी लगाई थी। फिर लक्ष्मी ने उसी रस्सी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
हस्तिनापुर में रहने वाले विनोद प्रजापति उम्र 22 वर्ष की शादी अप्रैल 2025 में भिंड के गोहद निवासी 20 वर्षीय लक्ष्मी प्रजापति से हुई थी। लक्ष्मी के मायके में शादी थी। इसके चलते दोनों शादी में शामिल होने गोहद गए थे। शादी होने से पहले ही किसी बात पर इनका झगड़ा हुआ और लौट आए। 19 जून को रात को कमरे में सो गए थे। 20 जून सुबह इनके कमरे में ही शव फंदे पर लटके मिले। सबसे पहले विनोद के छोटे भाई हिमांशु ने दरवाजा खटखटाया था। अब पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए हैं। इसमें कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं। इससे लग रहा है कि किसी बात पर झगड़े के बाद पहले विनोद ने फांसी लगाई, फिर लक्ष्मी ने उसी रस्सी पर लटककर जान दे दी।
एक मोबाइल मिला, दो पुराने थे, कमरे में बिखरी थीं चूड़ियां
हस्तिनापुर थाना प्रभारी देवेंद्र लोधी ने बताया कि कमरे में एक मोबाइल मिला। दो पुराने मोबाइल थे। एक ही मोबाइल चालू मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है। कमरे में चूड़ियां बिखरी हुई थी। ऐसा लग रहा है, जैसे झगड़े के बाद चूड़ियां उतारकर फेंकी गई हों।