
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जया आरोग्य अस्पताल की जांच रिपोर्ट अब दिल्ली-मुंबई में भी मान्य होगी। ऐसा अस्पताल की लैब को एनएबीएल मान्यता मिलने से संभव हुआ है। इसके लिए 25 अप्रैल को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) की चार सदस्यीय टीम ने अस्पताल पहुंचकर लैब की व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया था।
टीम ने अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी थी। इसके बाद एनएबीएल ने जया आरोग्य अस्पताल प्रबंधन को प्रमाण पत्र जारी किया। यह प्रमाण पत्र 14 जून 2030 तक मान्य रहेगा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली, इंदौर और चेन्नई से आए विशेषज्ञों ने माइक्रोबायोलाजी, पैथोलाजी और बायोकेमिस्ट्री विभागों में पहुंचकर यह देखा था कि मरीजों के सैंपल किस तरह लिए जा रहे हैं और उनकी टेस्टिंग के मानक क्या हैं। एनएबीएल के मानकों पर खरा उतरने पर जेएएच को यह प्रमाण पत्र मिला।
निरीक्षण दल में दिल्ली से डॉ. अनीता बबर, इंदौर से डॉ. शशि कपूर व डॉ. राजीव लाहौके और चेन्नई से डॉ. के. बालन शामिल थे। जेएएच अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि इस प्रमाणन के तहत प्रयोगशाला को आइएसओ मानक के अनुसार मेडिकल परीक्षण के लिए गुणवत्ता और क्षमता में मान्यता दी गई है।
इसका दायरा मात्रात्मक और गुणात्मक परीक्षण दोनों पहलुओं को कवर करता है, जो मरीजों के लिए सटीक और विश्वसनीय परिणाम सुनिश्चित करेगा।
अस्पताल की लैब को एनएबीएल की मान्यता मिलने से यहां होने वाली जांचों की रिपोर्ट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगी। इससे मरीजों को अस्पताल की जांच रिपोर्ट पर अधिक भरोसा होगा और यह सुनिश्चित होगा कि यहां की लैब किसी भी कारपोरेट अस्पताल की लैब जितनी ही गुणवत्तापूर्ण है।