नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। देश की इकलौती बीएसएफ अकादमी, टेकनपुर में गुजरात के अहमदाबाद में नदाबेट सीमा दर्शन परियोजना जैसा मॉडल लाने की तैयारी की जा रही है। बीएसएफ अकादमी में स्थित संग्रहालय को पर्यटन विभाग और बीएसएफ के साझा सहयोग से पर्यटकों के लिए विकसित किया जा रहा है जिसमें 10 करोड़ रुपये का खर्च होगा। यह संग्रहालय दो चरणों में पूरा होगा जिसका परिचालन पर्यटन विभाग करेगा और तैयार होने के बाद इसे बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा।
झील का अवलोकन पीएम कर चुके हैं
इसके साथ-साथ यहां बीएसएफ अकादमी में स्थित वह झील जिसका अवलोकन खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कर चुके हैं, यहां संग्रहालय अनुभव के साथ नौका विहार, बैंड शो, डॉग शो, हार्स शो, लाइट एंड साउंड शो की भी तैयारी है।
यह अहमदाबाद की नदाबेट सीमा दर्शन परियोजना में रीट्रिट समारोह जैसा होगा, जिसके लिए इस प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट बीएसएफ की मदद से वहां के उपयुक्त अनुभवों को इसमें शामिल करेंगे। बीएसएफ और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह सहमति बन चुकी है। पहले चरण के टेंडर जारी कर दिए गए हैं और दूसरे चरण के मई अंत तक जारी हो जाएंगे। पीडब्ल्यूडी की ओर से सात किमी की सड़क भी तैयार की जाएगी, क्योंकि वर्तमान सड़क चौड़ी कम है।
10 करोड़ का बजट स्वीकृत, पूंजीगत व्यय पर्यटन विभाग करेगा
पर्यटन विभाग द्वारा टेकनपुर में बीएसएफ संग्रहालय के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है और दोनों पक्ष सैद्धांतिक रूप से परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सहमत हैं। पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर्यटन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) का प्रबंधन बीएसएफ द्वारा किया जाएगा। राजस्व साझा करने के इस माडल को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके तहत परिचालन लागतों की वसूली के बाद बचे हुए राजस्व को 50:50 के अनुपात में साझा किया जाएगा। टिकट प्रणाली और परिचालन प्रणालियों सहित सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए एमपीटीबी प्रारंभिक छह महीनों तक सहायता प्रदान करेगा।
125 करोड़ से विकसित हुई है नदाबेट सीमा दर्शन परियोजना
नडाबेट सीमा दर्शन परियोजना गुजरात के बनासकांठा जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक अनूठी पर्यटन पहल है। इसके मुख्य आकर्षण बीटिंग रिट्रीट समारोह, हथियार और सैन्य प्रदर्शनी, अजय प्रहरी स्मारक, संग्रहालय और फिल्म, साहसिक गतिविधियां, पर्यटकों के मनोरंजन के लिए ऊंट की सवारी, राइफल शूटिंग, रैपलिंग और जिप लाइन भी मौजूद हैं। इसको 125 करोड़ की लागत से गुजरात पर्यटन विभाग और सीमा सुरक्षा बल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया है।
संग्रहालय का विकास पहले चरण में होगा
संग्रहालय अनुभव, झील में नौका विहार, झील किनारे कैफे का विकास, लाइट एंड साउंड शो, बैंड प्रदर्शन और निर्देशित अनुभवात्मक पर्यटन सहित विभिन्न पर्यटन घटक रहेंगे जिनका चरणबद्व विकास किया जाएगा।
संग्रहालय का विकास चरण-1 में किया जाएगा, जबकि अन्य संभावित गतिविधियां चरण-2 में की जाएंगी। परिसर के भीतर स्थित झील पारिस्थितिक महत्व का एक प्रमुख आकर्षण है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संग्रहालय आने वाले आगंतुकों द्वारा झील में कचरा न फैलाया जाए।
डॉग ट्रेनिंग सेंटर देशभर में है विख्यात है
बता दें कि यह एकीकृत पर्यटन प्रोजेक्ट ग्वालियर चंबल के पर्यटन को विस्तार देने में अहम कड़ी साबित हो सकता है, ग्वालियर में स्थित यह अकादमी देश की एकमात्र अकादमी है जहां डॉग ट्रेनिंग सेंटर देशभर में विख्यात है। यहां मोटर ट्रांसपोर्ट अश्रु गैस इकाई के साथ कई महत्वपूर्ण शाखाएं हैं।
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) के प्रबंध निदेशक डा. इलैया राजा टी की अध्यक्षता में बीएसएफ अकादमी, टेकनपुर में बीएसएफ संग्रहालय और उससे संबंधित पर्यटन अवसंरचना के विकास पर चर्चा करने के लिए बैठक का आयोजन किया जा चुका है। बैठक के दौरान, संग्रहालय विकास, परिचालन मॉडल और पर्यटन अनुभव के संबंध में बीएसएफ अधिकारियों और परियोजना सलाहकार के साथ विस्तार से चर्चा अफसरों के बीच हुई।