
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: 24 घंटे में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित दो शादी समारोह से लाखों रुपये की चोरी करने वाले चोर राजगढ़-ब्यावरा की कड़िया-सांसी गैंग के सदस्य निकले हैं। सिरोल और बहोड़ापुर थाने की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया है।
चोरी करने वाला आरोपी नाबालिग है। उसी ने दोनों जगह चोरी की और उसका साथी उसे लेकर भागा। नाबालिग को चोरी करने के लिए ही भेजा गया था। इससे पहले भी इन्होंने और वारदातें की हैं। नाबालिगों का इस्तेमाल चोरी में इसलिए किया जाता है, जिससे अगर पकड़े भी जाएं तो सख्ती न हो। पुलिस पकड़ ले तो इन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाता है। दोषसिद्धि में भी मुश्किल आती है।
26 जनवरी को सिरोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंथन बैंक्वेट में चोरी हुई थी। यहां आलोक सक्सेना की बेटी की शादी थी। इसी दौरान दोनों चोर आए। नाबालिग चोर ने बैग चोरी किया। जिसमें दो लाख रुपये व गहने रखे थे। चोर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था।
27 जनवरी को बहोड़ापुर क्षेत्र के राजवाड़ा पैलेस में घुसकर शातिर चोरी कर ले गए थे। नाबालिग चोर ने स्टेज के पास से ही दूल्हे के पिता का रुपयों से भरा बैग चोरी कर लिया। बैग में करीब दो लाख रुपये रखे थे। यहां भी नाबालिग ने ही बैग चोरी किया।
पुलिस को कड़िया सांसी गैंग पर पहले ही शक था। दोनों थानों की टीम ने संयुक्त रूप से पड़ताल शुरू की। 95 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। इसमें आरोपियों के भागने का रूट, बाइक का नंबर पता चल गया। इसके बाद पुलिस को सुराग मिलते चले गए। जब आरोपी चिह्नित हो गए तो इन्हें उठा लिया। इन्होंने चोरी करना भी स्वीकार कर लिया। नाबालिग के अलावा पकड़े गए आरोपी का नाम हर्षित बंजारा है।
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पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि यह दोनों चोर मुंबई से ग्वालियर आए थे। मुंबई में भी चोरी की थी। इसके बाद ग्वालियर आए और यहां आते ही रात को चोरी की, फिर अगले दिन दूसरी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मेहमान बनकर आते हैं, चोरी कर फरार, पुलिस यहां कमजोर यह चोर हर बार शादियों का सीजन शुरू होते ही शहर में आ जाते हैं। मेहमान बनकर शादियों में पहुंचते हैं। चोरी करते हैं और फरार हो जाते हैं।
राजगढ़-ब्यावरा के गांव में बच्चों को चोरी की ट्रेनिंग तक कराई जाती है। पूरा गांव ही ऐसी घटनाएं करता है। नए कानून में संगठित अपराध की धारा का प्रविधान है। इसके बाद ऐसे अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्ति भी राजसात की जा सकती है। पुलिस इन धाराओं का इस्तेमाल इनके खिलाफ नहीं करती। इससे हर बार यह चोर शहर में आते हैं, वारदात कर पुलिस को चुनौती देते हैं।