
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में 2018 के बाद यानी आठ साल बाद मार्च का पहला सप्ताह सबसे अधिक गर्म रहा है। साथ ही इस महीने के अंत तक तापमान के 2022 के 41.8 डिसे से अधिक जाने की संभावना है।
इसकी वजह के पीछे मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ग्वालियर एक पहाड़ियों से घिरा क्षेत्र है और अरावली के करीब होने के कारण यहां राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं जल्दी असर दिखाती हैं।
अक्सर मार्च के महीने में वर्षा न होने या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कमजोर होने से आसमान साफ रहता है, जिससे सूरज की किरणें सीधे धरती को तपाती हैं। चूंकि आगामी समय में भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन ये कमजोर रहेंगे। ऐसे में वर्षा होने की संभावना नहीं है, और तापमान बढ़ सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के चारों महानगरों में ग्वालियर का तापमान सबसे अधिक 18.1 डिसे पर रहा।
यहाँ बता दें कि ग्वालियर अंचल का मार्च महीने के पहले सप्ताह में दिन का सामान्य तापमान 28 डिसे से 31 डिसे के बीच व रात का तापमान 14 से 16 डिसे के बीच में रहता है। लेकिन इस बार पहले सप्ताह में ही तापमान सामान्य से 5.5 डिसे अधिक 35.7 डिसे पर है और रात का तापमान भी सामान्य से चार डिसे अधिक 18.1 डिसे पर पहुंच गया है।
आमतौर पर मार्च महीने के मध्य में जाकर रात का तापमान 18 से 19 डिसे तक पहुंचता है। लेकिन इस बार छह मार्च का ही रात का तापमान 18.1 डिसे पर पहुंच गया। यह तापमान पिछले आठ साल में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। वर्तमान में बेशक हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो और नौ मार्च को भी नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। लेकिन इनका असर अंचल में नहीं आ रहा है।
ऐसे में अंचल में मौसम साफ है और धूप की किरणें सीधे जमीन को तपा रही हैं। यही वजह रही कि शुक्रवार को दिन का तापमान 35.7 डिसे पर पहुंच गया। यह तापमान सामान्य से 5.5 डिसे अधिक था। इसी तरह रात का तापमान भी बढ़कर 18.1 डिसे पर पहुंच गया। यह सामान्य से चार डिसे अधिक रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो आगामी पांच दिनों तक अंचल के दिन व रात के तापमान में एक से दो डिसे की बढ़ोतरी हो सकती है और गर्मी बढ़ सकती है। हालांकि इन पांच दिनों में वर्षा के किसी तरह के संकेत नहीं है।
वर्तमान में जो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, उनका असर अंचल पर नहीं आ रहा है। ऐसे में अंचल में मौसम खुला हुआ है और तेज धूप हो रही है। साथ ही शहर के आसपास पहाड़ियां हैं और राजस्थान की तरफ से भी हवाएं आती हैं। इससे अंचल में तापमान और गर्मी बढ़ती है। आगामी पांच दिनों में तापमान में एक से दो डिसे की बढ़ोतरी हो सकती है। - डॉ. हुकुम सिंह, विज्ञानी, मौसम विज्ञान केंद्र, थाटीपुर।