MP में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र से मिली सरकारी नौकरी... 28 साल बाद वनरक्षक पर धोखाधड़ी का केस
वन विभाग में 28 वर्ष पहले तेंदूपत्ता संग्रहण का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर वनरक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। सागर जिले के सिहोरा न ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 24 Feb 2026 10:43:23 PM (IST)Updated Date: Tue, 24 Feb 2026 10:43:23 PM (IST)
MP में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र से मिली सरकारी नौकरीHighLights
- तेंदूपत्ता संग्रहण के फर्जी प्रमाण पत्र से वनरक्षक की नौकरी पाने वाला दोषी करार
- हाईकोर्ट के निर्देश पर नर्मदापुरम पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का केस
- 28 साल पुराने मामले में आरोपी बर्खास्त, 1998 की भर्ती में किया था फर्जीवाड़ा
नईदुनिया प्रतिनिधि, नर्मदापुरम। वन विभाग में 28 वर्ष पहले तेंदूपत्ता संग्रहण का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर वनरक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। सागर जिले के सिहोरा निवासी राजकुमार गौतम के खिलाफ नर्मदापुरम कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीसीएफ और डीएफओ के निर्देश पर की गई।
1998 की भर्ती में फर्जीवाड़े का खेल
एसआइ जितेंद्र चौहान के मुताबिक वर्ष 1998 में वनरक्षक पद पर सीधी भर्ती निकली थी। इसमें वर्ष 1988 में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य कर चुके श्रमिकों को प्राथमिकता दी जानी थी। आरोप है कि राजकुमार गौतम ने सागर से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवाकर वनरक्षक पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। 2007 में फर्जीवाड़ा सामने आने पर विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था, उसने हाईकोर्ट में अपील की।