
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मौत का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती दो मरीजों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें 82 वर्षीय महिला और 63 वर्षीय पुरूष शामिल है। अभी भी रोजाना यहां से उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर मरीज सामने आ रहे हैं।
अस्पतालों में 10 मरीज आईसीयू में भर्ती है, इनमें से दो वेंटीलेटर पर है। भागीरथपुरा निवासी विद्या बाई यादव(82) की गुरूवार रात नौ बजे अरबिंदों अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है। बेटे शिवनारायण ने बताया कि मां स्वस्थ थी, वह अपना काम भी खुद ही कर रही थी। 10 जनवरी से अचानक उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। इसपर हमारे परिचित डॉक्टर से दवाई लेकर आए और उन्हें दी। दस्त के कारण उन्हें बार-बार शौचालय जाना पड़ रहा था। तभी वहां उनका पैर फिसल गया, जिससे कूल्हे की हड्डी टूट गई थी।
इसके बाद हम इलाज के लिए एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां एक्सरे के बाद सर्जरी की योजना बनी। लेकिन उम्र अधिक होने के कारण वह नहीं हो सकी। इसके बाद हम उन्हें घर लेकर आ गए। घर पर गुरूवार को उनकी दोबारा तबीयत बिगड़ी, इसपर इलाज के लिए अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां दो घंटे इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।
भागीरथपुरा निवासी बद्रीप्रसाद (63) की अरविंदों अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। उनका शव चार बजे घर आ गया था, लेकिन स्वजन ने अंतिम संस्कार नहीं किया। स्वजन शनिवार को चक्काजाम कर विरोध करेंगे।
बेटे शैलेंद्र ने बताया कि इन्हें चार जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद एमवाय अस्पताल में भर्ती किया था। वहां चार दिन भर्ती रहने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। 17 जनवरी को दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अरबिंदो अस्पताल में भर्ती करवाया था। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बीमार होने के पहले वह स्वस्थ थे, मजदूरी करते थे।
उन्हें पहले कभी टीबी की शिकायत नहीं रही है। दो माह पहले लकवाग्रस्त बहू की भी मौत हो चुकी है। साथ ही बताया कि अभी तक प्रशासन से हमें मदद नहीं मिली है इसलिए अंतिम संस्कार भी नहीं किया है। भागीरथपुरा चौकी के सामने वह शव रखकर विरोध जताएंगे।