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434 करोड़ का लोन घोटाला मामला, तेल मिल 'धनलक्ष्मी सालवेक्स' के संचालकों पर ED की रेड; 19 अचल संपत्तियां की अटैच

देवास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित तेल मिल धनलक्ष्मी सालवेक्स प्रा. लि. के संचालक सतीश मंगलानी, राजेंद्र मंगलानी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED)...और पढ़ें

By Lokesh SolankiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 10:45:08 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 10:45:08 PM (IST)
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434 करोड़ का लोन घोटाला मामला, तेल मिल 'धनलक्ष्मी सालवेक्स' के संचालकों पर ED की रेड; 19 अचल संपत्तियां की अटैच
मंगवानी बंधुओं की संपत्ति ईडी ने की अटैच।

HighLights

  1. धनलक्ष्मी साल्वेक्स के संचालकों पर ईडी की कार्रवाई
  2. 400 करोड़ से ज्यादा के लोन घोटाले का है मामला
  3. मनी लांड्रिंग केस में फंसे सतीश और राजेंद्र मंगलानी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित तेल मिल धनलक्ष्मी सालवेक्स प्रा. लि. के संचालक सतीश मंगलानी, राजेंद्र मंगलानी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। सोमवार को इंदौर और देवास के पांच ठिकानों पर छापे मारकर ईडी ने जांच की। इसमें कंपनी का बंसी ट्रेड सेंटर स्थित कंपनी के दफ्तर, संचालकों के घर भी शामिल हैं। छापामार कार्रवाई के बाद ईडी ने 19 अचल संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया।

434 करोड़ रुपये के लोन घोटाले का आरोप

धनलक्ष्मी सालवेक्स के जरिए मंगलानी बंधु 434 करोड़ रुपये के लोन घोटाले में आरोपित हैं। खाद्य तेल का उत्पादन करने वाली कंपनी धनलक्ष्मी सालवेक्स ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बैंक कंसोर्टियम के जरिए 356.31 करोड़ का लोन लिया था। बाद में बोगस ट्रांजेक्शन, क्रेडिट नोट, दस्तावेज और लेन-देन दिखाकर इस लोन का हेर-फेर कर राशि को हजम कर लिया गया।


बैंकों की रिकवरी और सीबीआई की एफआईआर

2019 से बैंकों ने ब्याज के साथ 434 करोड़ से ज्यादा की वसूली का नोटिस निकाला। कंपनी की कुर्की की कार्रवाई हुई और कंपनी पर दिवालिया की कार्रवाई होने लगी। इसी बीच लोन घोटाले के सबूत मिले और सीबीआई (CBI) ने कंपनी और कर्ताधर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच

सीबीआई की इस एफआईआर के बाद अब ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) में जांच शुरू की है। लोन के धन को रूट कर काले धन में परिवर्तित करने का आरोप है।

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प्रारंभिक जांच में ईडी ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज व रिकॉर्ड जब्त किए। साथ ही इंदौर-देवास में मंगलानी बंधुओं की अचल संपत्ति जिसमें फ्लैट व जमीन शामिल हैं, उन्हें अटैच किया। इसके साथ इंदौर व शाजापुर की जमीन समेत कुल 19 अचल संपत्तियों पर अटैचमेंट की कार्रवाई की गई।