MPPSC की राज्य अभियांत्रिकी परीक्षा में 60 फीसद कैंडिडेट रहे अनुपस्थित, एक भी नकल केस नहीं, अप्रैल में आएगा रिजल्ट
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने रविवार को राज्य अभियांत्रिकी परीक्षा 2025 करवाई। इसमें 60 फीसद अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। अकेले इंदौर शहर में आय ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 23 Mar 2026 06:03:33 AM (IST)Updated Date: Mon, 23 Mar 2026 06:03:33 AM (IST)
राज्य अभियांत्रिकी परीक्षा में 60 फीसद कैंडिडेट रहे अनुपस्थित (फाइल फोटो)HighLights
- MPPSC इंजीनियरिंग परीक्षा में 60 फीसद अभ्यर्थी अनुपस्थित
- इंदौर के 10 केंद्रों पर सिर्फ 1520 छात्र पहुंचे
- तकनीकी सवालों ने पसीने छुड़ाए, अप्रैल में आएगा परिणाम
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने रविवार को राज्य अभियांत्रिकी परीक्षा 2025 करवाई। इसमें 60 फीसद अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। अकेले इंदौर शहर में आयोजित परीक्षा के लिए दस केंद्र बनाए गए, जिसमें 1520 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। एक भी नकल प्रकरण नहीं बना। प्रत्येक केंद्र पर ऑब्जर्वर की निगरानी में परीक्षा हुई। सामान्य ज्ञान और विषय आधारित प्रश्न पत्र रखे गए।
सबसे ज्यादा इंजीनियरिंग आधारित तकनीकी प्रश्न अभ्यर्थियों को कठिन लगे। इन्हें हल करने में समय अधिक लगा। फिलहाल अगले सप्ताह आयोग परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी करेगा। अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल में रिजल्ट घोषित होगा।
राज्य अभियांत्रिकी परीक्षा 2025 में 3800 अभ्यर्थियों ने पंजीयन करवाया था। करीब 32 पदों के लिए परीक्षा करवाई गई, जिसमें सिर्फ इंदौर में केंद्र रखे गए। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच पेपर रखा गया, लेकिन अभ्यर्थी सुबह 11 बजे से केंद्र पर पहुंचने लगे थे।
अलग-अलग दो स्तर पर अभ्यर्थियों की केंद्र पर तलाशी ली गई। उस दौरान कुछ अभ्यर्थी अपने साथ मोबाइल और स्मार्ट वॉच पहनकर आए थे, जिन्हें परीक्षा कक्ष के बाहर रखवाया गया। इसके बाद बायोमैट्रिक के आधार पर अभ्यर्थियों की जांच हुई। फिर परीक्षा कक्ष में इन्हीं को प्रवेश दिया गया। पेपर शुरू होने से महज पांच मिनट पहले पेपर दिया गया। दो भाग में पेपर रखा गया। सामान्य ज्ञान में मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रश्न पूछे गए।
करीब 50 प्रश्नों के जवाब देना था। दूसरा भाग इंजीनियरिंग विषय आधारित रहा, जिसमें सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल ब्रांच से जुड़े प्रश्न आए। दूसरे भाग में 100 प्रश्नों को हल करना था। प्रत्येक प्रश्न का सही जवाब पर तीन अंक दिए गए, जबकि गलत जवाब देने पर निगेटिव मार्किंग की जाएगी। परीक्षा में महज 40 फीसद उपस्थित रही, जिसमें 1520 अभ्यर्थी पहुंचे।