इंदौर में राजस्व अधिकारी बन निगम में नौकरी के नाम पर लाखों ठगने वाले को तीन वर्ष कारावास
जब फरियादी नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपित अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ध ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 19 Mar 2026 06:49:09 PM (IST)Updated Date: Thu, 19 Mar 2026 06:53:03 PM (IST)
इंदौर कोर्ट का फैसला।HighLights
- 35 हजार रुपये महीने की तनख्वाह वाली नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था।
- जब फरियादी नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है।
- जांच के दौरान पता चला आरोपित अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी कर चुका है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। राजस्व अधिकारी बनकर नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले को सत्र न्यायालय ने तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई। आरोपित का नाम ध्रुव वर्मा निवासी चंद्रभागा है। उसके खिलाफ ठगी के दो अलग-अलग मामले थे। अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने यह फैसला सुनाया।
यह है पूरा मामला
फरियादी प्रवीण सिंह चौहान ने 19 अप्रैल 2023 को आजाद नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपित ध्रुव वर्मा ने खुद को नगर निगम का राजस्व अधिकारी बताकर इंदौर नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर उससे पांच लाख रुपये ठग लिए।
आरोपित ने फरियादी को निगम के स्वास्थ्य विभाग में सहायक क्लर्क के रूप से 35 हजार रुपये महीने की तनख्वाह वाली नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था।
जब फरियादी नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपित अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है।
वह निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर रहा है। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपित के खिलाफ ऐसा ही ठगी का एक अन्य प्रकरण आजाद नगर थाने में दर्ज हुआ है।
वहां फरियादी प्रतीक रायकवार की रिपोर्ट पर आरोपित ध्रुव वर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है। इसमें भी आरोपित ने प्रतीक एवं एक अन्य से नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर दो-दो लाख रुपये लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए थे।
इन दोनों ही मामलों में कोर्ट ने आरोपित ध्रुव वर्मा को दोषी पाते हुए उसे तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल ने पैरवी की।