
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय आने वाले छह माह में और अधिक आकर्षक बनने जा रहा है। प्रबंधन ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत कई नई और दुर्लभ प्रजातियों को शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इनमें सबसे खास एक सींग वाले गैंडे का जोड़ा है, जो प्रस्तावित योजना के अनुसार इंदौर आने पर मध्य प्रदेश के किसी भी चिड़ियाघर में पहली बार देखने को मिलेगा। इसके अलावा हिप्पोपोटामस को लाने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त विदेशी पक्षियों को भी संग्रहालय में लाने की योजना पर काम चल रहा है।
हाल ही में रंग-बिरंगे अफ्रीकी टूराको पक्षी भी संग्रहालय के आकर्षण में शामिल हुए हैं। इन नई प्रजातियों के लिए बाड़ों और आवश्यक सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।इसी अवधि में संग्रहालय में बन रहा आधुनिक 14-डी थिएटर भी शुरू होने की संभावना है। इसमें वन्यजीवों और प्रकृति संरक्षण पर आधारित विशेष फिल्में आधुनिक दृश्य एवं ध्वनि प्रभावों के साथ दिखाई जाएंगी।
इससे पर्यटकों को मनोरंजन के साथ वन्यजीव संरक्षण का संदेश भी मिलेगा। इस वर्ष एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत रंग-बिरंगी विदेशी तोतों की नई प्रजातिया संग्रहालय में लाई गई है।मकाऊ भी यहां आकर्षण का केंद्र है।चिड़ियाघर के प्रभारी डा. उत्तम यादव के अनुसार नए वन्यजीवों और आधुनिक सुविधाओं के शुरू होने के बाद इंदौर चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी खासकर बच्चों, विद्यार्थियों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए थियेटर नया आकर्षण साबित होगा।शुक्रवार को इसमें स्क्रीन लगाई गई है। संभवत: इसका काम सात दिन के भीतर पूरा हो जाएगा।
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय की मादा हिप्पो डिंपी को नया साथी मिलेगा। उसके लिए कानपुर से सात सौ किलोमीटर का सफर तय कर अगले माह हिप्पोपोटेमस सतीश का आगमन होगा।उसे इस दौरान पानी से स्प्रे करते हुए लाया जाएगा। इसमें करीब 20 हजार लीटर पानी का उपयोग होगा। साथ में विशेषज्ञों का दल भी होगा।इसके बदले में इंदौर से एक शेर को भेजा जाएगा।मादा हिप्पो को 2027 में ग्वालियर से लाया गया था लेकिन नर हिप्पो न होने से इनकी संख्या में वृद्धि नहीं हुई।