
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी बंटी उर्फ संदीप नागर ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव साकेत नगर स्थित द मार्क बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर बने आफिस में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल मच गई। बंटी नागर के सांवेर रोड और बायपास सहित कई क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट चल रहे थे। पलासिया पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एसीपी नीति दंडोतिया के अनुसार गुलमोहर कालोनी निवासी 56 वर्षीय संदीप उर्फ बंटी पुत्र मनोहर नागर दोपहर में अपने बेटे ऋषित नागर से उसके आफिस की चाबी लेकर वहां गए थे। ऋषित का आफिस भी उसी बिल्डिंग में है और वह मल्टी निर्माण के कारोबार से जुड़ा है। शाम करीब चार बजे तक बंटी का फोन नहीं उठा तो ऋषित को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने तलाश शुरू की।
ऋषित अपने मामा संदीप के साथ द मार्क बिल्डिंग पहुंचे। आफिस में तलाश करने पर बंटी का शव मिला। स्वजन उन्हें तत्काल निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन डाक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। टीआइ सुरेंद्र सिंह रघुवंशी के अनुसार बंटी ने साड़ी का फंदा बनाकर पंखे से फांसी लगाई थी। पुलिस ने उनकी पत्नी अर्पणा सहित स्वजन से भी पूछताछ की है। फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
बंटी नागर का ‘संस्कृति’डेवलपर नाम से रियल एस्टेट कारोबार था। कंपनी मां हेमा के नाम से बनाई थी। पुलिस और स्वजन से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सांवेर रोड, बायपास और बाल्याखेड़ी सहित कई स्थानों पर उनके प्रोजेक्ट चल रहे थे। इनमें कुछ प्रोजेक्ट निर्माण और विकास के अलग-अलग चरणों में बताए जा रहे हैं।
घटना की खबर फैलते ही रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोग एमवाय अस्पताल पहुंचने लगे। बताया जा रहा है कि बंटी नागर का कई कालोनाइजर, प्रापर्टी कारोबारियों, फाइनेंसरों और अन्य व्यवसायियों के साथ सैंकड़ों करोड़ रुपयों का आर्थिक लेनदेन था। कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक इसमें बड़ी रकम लगी हुई थी।
पुलिस अब आत्महत्या के कारणों के साथ उनके कारोबारी लेनदेन की भी जानकारी जुटा रही है। किन लोगों से कितनी रकम का लेनदेन था, कौन से प्रोजेक्ट चल रहे थे और किसी तरह का आर्थिक दबाव या विवाद था या नहीं, इसकी जानकारी दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड से सामने आएगी।
घटना के बाद बंटी नागर से जुड़े प्रोजेक्ट में पैसा लगाने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि किसी प्रोजेक्ट के रुकने या आर्थिक देनदारी को आत्महत्या का कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस ने फोरेंसिक अफसरों को भी मौके पर बुला कर जांच करवाई है।
बंटी नागर का नाम शहर के प्रतिष्टित कारोबारियों में शामिल था। उसके भाईयों का सराफा और तुकोगंज क्षेत्र में सोना चांदी का बड़ा कारोबार है। आत्महत्या की सूचना मिलते ही सराफा के बड़े कारोबारी भी पहुंच गए थे।
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