भागीरथपुरा दूषित जलकांड के 67 दिन बाद अस्पताल से घर लौटी पार्वती, बिस्तर से उठ नहीं पा रही, परिवार ने लगाई कलेक्टर से गुहार
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण 36 लोगों की मौत हो गई। कई लोग ऐसे हैं जो अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर तो लौट आए हैं, लेकिन अभी बिस्तर पर ही ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 17 Mar 2026 10:05:58 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 02:07:38 AM (IST)
67 दिन बाद अस्पताल से घर लौटी पार्वती।HighLights
- भागीरथपुरा दूषित जलकांड।
- 67 दिन बाद अस्पताल से घर लौटी पार्वती।
- बिस्तर से उठ नहीं पा रही।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण 36 लोगों की मौत हो गई। कई लोग ऐसे हैं जो अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर तो लौट आए हैं, लेकिन अभी बिस्तर पर ही हैं। 67 वर्षीय पार्वती बाई 67 दिन बाद अस्पताल से नौ मार्च को घर आई हैं।
अस्पताल के बिल का भुगतान तो प्रशासन द्वारा किया जाएगा। लेकिन अभी रोजाना फिजियोथेरेपी, केयरिंग सहित अन्य जरूरतों में करीब 1500 रुपये रोजाना खर्च हो रहे हैं। ऐसे में परिवार ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज लंबे समय तक चलेगा, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
बाएं हिस्से में लकवे का असर
सात सदस्यों के परिवार में सिर्फ पार्वती का बेटा प्रदीप ही कमाने वाला है। प्रदीप ने बताया कि बांबे अस्पताल में डॉक्टर ने बेहतर उपचार किया है। लेकिन जबसे वह भर्ती हुई हैं, तबसे बिस्तर से नहीं उठ पाई हैं। शरीर का बांया हिस्सा ऊपर से नीचे तक लकवे की चपेट में है। कलेक्टर कार्यालय में गुहार लगाई है, अब उनसे मुलाकात करने के लिए भी जाऊंगा।
18 दिन वेंटिलेटर पर रही थीं पार्वती
पार्वती को दूषित पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते 28 दिसंबर को विवेक मेमोरियल अस्पताल में भर्ती करवाया था। यहां से एक जनवरी 2026 तक इलाज चला। यहां लगभग डेढ़ लाख रुपए खर्च हुए, जिसका भुगतान मेडिक्लेम पॉलिसी वालों ने किया। प्रदीप ने बताया कि मां वायरल इंफेक्शन के चलते जीबीएस की चपेट में आ गई हैं, इस कारण शरीर सुन्न होता चला गया। इसके बाद बांबे अस्पताल लेकर आए, यहां 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया।