
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ड्रग्स कांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। तस्करों के मददगार के रूप में भाजपा नेता का नाम सामने आया है। नेता ड्रग्स बेचने वालों से हर माह रिश्वत लेता था। पुलिस ने उसको सह-अभियुक्त बनाकर जेल भेजा है। पुलिस आरोपितों पर संगठित अपराध की धारा लगाने की तैयारी में है।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार पिछले दिनों पुलिस ने भील कॉलोनी से पांगूबाई (ड्रग्स तस्कर) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह कॉलोनी में रहने वाले गोपाल सिंगार को 50 हजार रुपये महीना देती थी। उसने रुपये लेकर संरक्षण का आश्वासन दिया था। गोपाल खुद को शिवाजी मंडल का उपाध्यक्ष बताता है। उसका कॉलोनी में प्रभाव है और वह खुद को भाजपा नेताओं का करीबी बताता है। वह कॉलोनी में ड्रग्स बेचने वालों की संपूर्ण जानकारी रखता था।
एक अन्य तस्कर सरदारसिंह ने भी गोपाल की जानकारी दी थी। पुलिस ने गोपाल को थाने बुलाकर तस्करों से सामना कराया तो उसने रुपये लेना स्वीकार कर लिया। मंगलवार को टीआई लोकेशसिंह भदौरिया ने गोपाल को बयान के लिए थाने बुलाया और गोपाल को तस्करों से रुपये लेकर मदद करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश किया और जेल भेज दिया।
टीआई के अनुसार पुलिस मामले में पांगूबाई, सरदार और गोपाल को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस गिरोह पर संगठित अपराध की धारा लगाएगी। ड्रग्स बेचकर अर्जित की गई संपत्ति की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपित गोपाल के संबंध में पिछले ढाई साल से पुलिस को इनपुट मिल रहा था। गोपाल ड्रग्स बेचने वाले पैडलर और तस्करों को ब्लैकमेल भी करता था। उसके इस काम में पुलिसकर्मी भी मिले हुए थे। रुपये न देने वालों को बीट में तैनात पुलिसकर्मियों के माध्यम से गिरफ्तार करने और घरों की तलाशी लेने भेज देता था। इसके बाद वह खुद सामने आकर संरक्षण देने का आश्वासन देता था।